मुजफ्फरनगर:(चीफ एडिटर)जानसठ तहसील में करीब 750 बीघा सरकारी जमीन घोटाले के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीएम जयेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है। भाजपा के पूर्व विधायक विक्रम सैनी ने भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे।
दरअसल, मामला डेरावाल कॉर्पोरेटिव फार्मिंग सोसायटी की जमीन से जुड़ा है। वर्ष 1962 में गठित इस सोसायटी के पास लगभग 743 हेक्टेयर (करीब 900 बीघा) जमीन थी। जांच में सामने आया कि 19 जुलाई 2025 को एसडीएम जयेंद्र सिंह ने कथित रूप से आदेश जारी कर 600 बीघा सोसायटी की और 150 बीघा सरकारी जमीन एक किसान के नाम दर्ज कर दी थी।
सोसायटी के सदस्य गुलशन ने इस आदेश को चुनौती दी और जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से शिकायत की। डीएम ने तत्परता दिखाते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की। जांच में प्रथम दृष्टया गड़बड़ी साबित हुई, जिसके बाद शासन ने जिलाधिकारी की रिपोर्ट पर एसडीएम को निलंबित करने का फैसला लिया।
इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि यह जमीन हाईवे के किनारे स्थित है, जिस पर पहले भी मुआवजे को लेकर विवाद हाई कोर्ट तक पहुंचा था। अदालत ने जमीन को सरकारी मानते हुए मुआवजा देने से इनकार किया था। इसके बावजूद भी जमीन को निजी नाम पर दर्ज किए जाने से बड़ा घोटाला सामने आया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आगे की जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

