
मुरादाबाद, आलम अंसारी / जुनैद खान | भगवा सनातन टाइम्स


उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लॉक मूंढापांडे की एक महत्वपूर्ण बैठक ग्राम चमरौआ स्थित प्राथमिक विद्यालय में संपन्न हुई, जिसमें विद्यालयों की युग्मन (पेयरिंग) नीति के खिलाफ व्यापक विरोध दर्ज किया गया। बैठक में स्थानीय ग्राम प्रधान, SMC सदस्यों, शिक्षकों और ग्रामवासियों ने भी भाग लिया।


बैठक में सरकार द्वारा 50 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को नजदीकी स्कूल में विलय (मर्जर) करने के निर्णय की तीखी आलोचना की गई। शिक्षकों ने इसे गरीब बच्चों की शिक्षा के साथ अन्याय बताते हुए “शिक्षा के निजीकरण की साजिश” करार दिया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संजय कुमार सिंह ने कहा, “सरकार आरटीई अधिनियम की भावना के खिलाफ जाकर स्कूल बंद करने पर तुली है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।” उन्होंने सवाल उठाया कि जिन बच्चों के पास स्कूल आने-जाने के लिए साधन नहीं हैं, क्या उनसे यह उम्मीद की जा सकती है कि वे दो से तीन किलोमीटर दूर पढ़ने जाएंगे?
उन्होंने यह भी कहा कि “एक तरफ़ ‘स्कूल चलो अभियान’ चलाया जा रहा है और दूसरी तरफ़ स्कूल बंद करने को ‘मर्जर’ नाम देकर शिक्षा को पंगु बनाया जा रहा है।”
ग्राम प्रधान आलोक कुमार, विनोद कुमार, पातीराम और श्रीमती सोनी देवी ने भी मर्जर नीति का विरोध करते हुए इसे गरीब ग्रामीणों के हितों के खिलाफ बताया। वहीं विद्यालय की रसोइया हरवती ने कहा कि “सरकार हमारे रोज़गार को छीन रही है।”
बैठक में बंद किए जाने वाले विद्यालयों के हेड टीचर्स और SMC अध्यक्षों ने भी अपनी चिंता और आपत्तियाँ जाहिर कीं।
इस मौके पर प्रमुख रूप से विनोद यादव, सुरेंद्र कुमार, राजेश कुमार, सतेन्द्र कुमार, मनोज यादव, प्रतीक शर्मा, ज़मीर अहमद, दुर्गेश कुमार, चंद्रशेखर यादव, देवेश चक्रवर्ती, तहज़ीबुररहमान, नरेन्द्र कुमार, रेनू यादव, अंजलि गुप्ता, सन्दिनी शर्मा, मोनिका अग्रवाल, गरिमा अग्रवाल, दीक्षा अग्रवाल आदि बड़ी संख्या में शिक्षक व ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक मंत्री हिमांशु बशिष्ठ ने किया। सभी ने एक स्वर में सरकार से इस आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की और विरोध प्रदर्शन का भी संकेत दिया।

