
हरिद्वार:(चीफ एडिटर) स्थायी लोक अदालत हरिद्वार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को एसएमजेएन (पीजी) कॉलेज हरिद्वार में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय लोकतंत्र के समक्ष चुनौतियों एवं उनके समाधान को लेकर छात्र-छात्राओं और लॉ इंटर्न्स ने अपने विचार रखे।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्थायी लोक अदालत हरिद्वार की अध्यक्ष एवं उच्चतर न्यायिक सेवा की न्यायाधीश नीतू जोशी तथा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील बत्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कॉलेज की छात्रा लक्ष्मी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।


इस दौरान डिप्टी एलएडीसी रमन कुमार सैनानी ने भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था, संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों की जानकारी दी। प्राचार्य डॉ. सुनील बत्रा ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय सहभागिता, संवैधानिक मूल्यों के सम्मान तथा अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता का नाम है।मुख्य अतिथि नीतू जोशी ने लोकतंत्र में न्यायपालिका की भूमिका एवं उसकी कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि लोक उपयोगी सेवाओं से संबंधित ऐसे विवाद, जिनकी विषय-वस्तु का मूल्यांकन एक करोड़ रुपये तक है, स्थायी लोक अदालत में प्रस्तुत किए जा सकते हैं।इनमें परिवहन, डाक, टेलीफोन, विद्युत एवं जलापूर्ति, स्वच्छता, अस्पताल एवं औषधालय, बीमा तथा बैंकिंग जैसी सेवाओं से जुड़े मामले शामिल हैं। इसके अलावा शैक्षिक एवं शैक्षणिक संस्थानों तथा आवास एवं भू-संपदा सेवाओं से संबंधित मामले भी निर्धारित प्रावधानों के तहत स्थायी लोक अदालत में लाए जा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि अब पक्षकारों के अनुरोध पर स्थायी लोक अदालत में मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी की जा सकती है। साथ ही ई-मेल के माध्यम से भी वाद प्रस्तुत करने की सुविधा उपलब्ध है।कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि एवं प्राचार्य ने कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. पुनीता शर्मा द्वारा लिखितन्यूट्रिशन एंड स्पेशियलिटी फूड्स पुस्तक का विमोचन किया। वहीं डॉ. पद्मावती तनेजा की पुस्तक वैदिक गणित को आईकेएस लिस्ट में शामिल किए जाने पर उन्हें सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने कॉलेज परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा स्थापित लीगल एड क्लीनिक का निरीक्षण भी किया और निःशुल्क विधिक सेवाओं के क्षेत्र में कॉलेज प्रशासन के सहयोग की सराहना की।
वहीं कॉलेज के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ, पर्यावरण प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, लीगल एंड सेल, हिंदी विभाग एवं मानव क्लब के संयुक्त तत्वावधान में 9 से 15 सितंबर तक आयोजित हिंदी महोत्सव का भी समापन हुआ। महोत्सव के दौरान विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि एवं प्राचार्य द्वारा प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशा शर्मा एवं मोना शर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. सरोज शर्मा, डॉ. पूर्णिमा सुन्दरीयाल, डॉ. मीनाक्षी शर्मा, डॉ. शिव कुमार चौहान, डॉ. सुषमा नयाल, डॉ. लता शर्मा, डॉ. अनुरूपा, डॉ. पुनीता शर्मा सहित कॉलेज का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर इतिहास विभाग के प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।

