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1 Nov 2026, Sun

रिश्ते में नहीं है अब पहले जैसी नजदीक़ी? जानिए Sexless Relationship के पीछे की वजहें और समाधान

रिश्ते में नहीं है अब पहले जैसी नजदीक़ी? जानिए Sexless Relationship के पीछे की वजहें और समाधान

By: भगवा सनातन टाइम्स  |

क्या आप भी अपने रिश्ते में एक अजीब सी दूरी महसूस कर रहे हैं? क्या पहले की तरह अब आपके और आपके पार्टनर के बीच शारीरिक नजदीक़ी नहीं रही? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। बदलती दिनचर्या, तनाव और आपसी संवाद की कमी आज के रिश्तों को ‘सेक्सलेस रिलेशनशिप’ की ओर ले जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जब किसी रिश्ते में शारीरिक संबंधों की कमी कम से कम एक साथी के लिए परेशानी बन जाए, तो वह सेक्सलेस रिलेशनशिप कहलाता है। यह स्थिति भावनात्मक असंतोष, असुरक्षा और मनोवैज्ञानिक तनाव पैदा कर सकती है।

क्यों होता है सेक्सलेस रिलेशनशिप?

मैरिज और फैमिली थेरेपिस्ट डॉ. डाना मैकनील कहती हैं कि अक्सर रिश्तों में सेक्स की कमी का मुख्य कारण है थकान और व्यस्त दिनचर्या। लोग एक-दूसरे से जुड़ने की बजाय “रिलेशनशिप को निभाने” में लग जाते हैं। इसके अलावा, डिप्रेशन, मेडिकेशन, भावनात्मक दूरी, या अधूरे झगड़े भी इसमें योगदान करते हैं।

कैसे करें इस मुद्दे पर बात?

•खुद से पूछें: क्या वजह है सेक्स न होने की? क्या मैं संतुष्ट हूँ?

•साथी से बात करते समय “मैं” वाले वाक्य का प्रयोग करें:

“मैं महसूस कर रहा हूँ कि हम अब पहले जैसे करीब नहीं हैं…”

•संवाद के दौरान एक-दूसरे की बातों को समझने की कोशिश करें।

•ज़रूरत हो तो कपल थेरेपी या मेडिएटर की मदद लें।

क्या सेक्सलेस रिश्ते को सुधारा जा सकता है?

हां, बिल्कुल। विशेषज्ञ कहते हैं कि शुरुआत शारीरिक स्पर्श और भावनात्मक जुड़ाव से हो सकती है। “Sensate Touch” जैसी थेरेपी टेक्निक अपनाकर आप एक-दूसरे को बिना किसी अपेक्षा के महसूस करना शुरू कर सकते हैं।

कब छोड़ देना चाहिए ऐसा रिश्ता?

अगर बार-बार कोशिशों के बावजूद आपके पार्टनर में कोई बदलाव नहीं आ रहा, या वो आपकी भावनाओं को नज़रअंदाज़ कर रहा है, तो यह एक बड़ा रेड फ्लैग हो सकता है। ऐसे में खुद से यह सवाल करना ज़रूरी है कि क्या आप इस तरह के रिश्ते में खुश रह सकते हैं।

 

• हर रिश्ता समय के साथ बदलता है। लेकिन जब शारीरिक और भावनात्मक जुड़ाव की कमी महसूस होने लगे, तो उसे नज़रअंदाज़ करने की बजाय उस पर बात करना जरूरी है। संवाद, समझ और कोशिश से रिश्ते में फिर से गर्मजोशी लाई जा सकती है। और अगर ऐसा मुमकिन न हो, तो खुद की खुशी के लिए आगे बढ़ना भी एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।

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