हरिद्वार:(चीफ एडिटर) भारत की प्रमुख इंजीनियरिंग कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। बीएचईएल ने आज थाइसनक्रुप न्यूसेरा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक रणनीतिक समझौता किया है।इस समझौते के तहत भारत में ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए एल्कलाइन इलेक्ट्रोलाइज़र प्रणाली का चरणबद्ध स्वदेशीकरण और स्थानीय विनिर्माण किया जाएगा। इससे भारत में ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए बीएचईएल की परियोजना क्रियान्वयन क्षमता और मजबूत होगी।
बीएचईएल की ओर से वाई श्रीनिवास राव कार्यपालक निदेशक (हेवी पावर इक्विपमेंट प्लांट) और सुतृप्तो महाप्रबंधक एवं प्रमुख (न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी बिज़नेस) ने हस्ताक्षर किए।थाइसनक्रुप न्यूसेरा की ओर सेकिरण जोसेफ, सीईओ और मनीष भोसले, निदेशक (बीडी एंड सेल्स) उपस्थित रहे।
इस अवसर पर महामहिम डॉ. फिलिप एकरमन, भारत एवं भूटान में जर्मनी के राजदूत, सुश्री बानी वर्मा, निदेशक (औद्योगिक प्रणाली और उत्पाद) बीएचईएल, एस एम रामनाथन निदेशक (इंजीनियरिंग, अनुसंधान एवं विकास) बीएचईएल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।एल्कलाइन इलेक्ट्रोलाइज़र का स्थानीय विनिर्माण शुरू होगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी।यह समझौता भारत सरकार के ‘राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन’ को गति देगा।बीएचईएल अब अपनी दशकों की इंजीनियरिंग और प्रोजेक्ट क्षमता का उपयोग ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उभरते स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में करेगी।
बीएचईएल भारत की अग्रणी इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण कंपनी है। पावर, ट्रांसमिशन, नवीकरणीय ऊर्जा, तेल एवं गैस, रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्रों में कंपनी का लंबा अनुभव है। कंपनी ने कहा कि यह साझेदारी भारत के औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ देश को ग्रीन एनर्जी हब बनाने में मदद करेगी।यह समझौता भारत को 2030 तक ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

