
पिरान कलियर:(जीशान मलिक) दरगाह साबिर पाक के सालाना उर्स के समापन के बाद भी पिरान कलियर की बदहाल व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। रविवार को हुई चंद मिनट की बारिश ने क्षेत्र की सफाई और जल निकासी व्यवस्था की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। नाले ओवरफ्लो होने के बाद गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा और कई स्थानों पर सड़कें जलभराव के कारण तालाब में तब्दील हो गईं। दरगाह क्षेत्र में आने वाले जायरीन को बदबूदार और गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।


सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब उर्स के दौरान लाखों जायरीन की आवाजाही को देखते हुए व्यवस्थाओं के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, तो उर्स समाप्त होते ही वही व्यवस्थाएं धराशायी क्यों हो जाती हैं?यदि कुछ मिनट की बारिश में नाले उफनाकर सड़कों पर गंदा पानी छोड़ दें, तो तेज बारिश के दौरान पिरान कलियर की स्थिति क्या होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।आपको बता दे कि पिरान कलियर साबिर पाक की वो नगरी है जहां पर साबिर पाक की दरगाह के अलावा भी 4 ओर ऐसी दरगाह पिरान कलियर में मौजूद है जहां पर दरगाह साबिर पाक के साथ साथ जायरीन उन चारों दरगाहओ पर भी पहुंचते है।आखिर इतनी पाक साफ जगह को गंदगी से मुक्त कब किया जाएगा। दरगाह क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े के ढेर और जमा गंदगी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सफाई व्यवस्था पर प्रभावी निगरानी नहीं होने के कारण गंदगी बढ़ती जा रही है। गंदगी के चलते मक्खी-मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से बीमारी फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है।

बारिश के बाद हालात और खराब हो गए। नालों का गंदा पानी सड़कों पर फैलने से पैदल चलने वाले जायरीन, स्थानीय नागरिक और दुकानदार परेशान नजर आए। सड़क पर जमा पानी और फिसलन के कारण किसी भी समय हादसा होने की आशंका बनी हुई है।साबिर पाक के उर्स के दौरान साफ-सफाई, जल निकासी और यात्री सुविधाओं को लेकर संबंधित विभागों की ओर से तमाम व्यवस्थाएं किए जाने के दावे किए गए थे।लेकिन सवाल यह है कि क्या ये व्यवस्थाएं केवल उर्स के समय तक ही सीमित थी।उर्स समाप्त होने के बाद भी यदि नालों की सफाई, कूड़ा उठान और जल निकासी की व्यवस्था सुचारु नहीं रह सकती तो करोड़ों रुपये खर्च कर की जाने वाली अस्थायी व्यवस्थाओं का आखिर क्या फायदा?
स्थानीय लोगों और जायरीनों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि पिरान कलियर को केवल उर्स के दौरान नहीं, बल्कि पूरे वर्ष स्वच्छ और व्यवस्थित रखने की ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। नालों की नियमित सफाई, कूड़े का तत्काल उठान और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के साथ-साथ जिम्मेदार कर्मचारियों एवं विभागों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।लोगों का कहना है कि पिरान कलियर केवल एक स्थानीय क्षेत्र नहीं, बल्कि देश-विदेश से जायरीन आने वाला प्रमुख धार्मिक स्थल है। ऐसे में यहां गंदगी और जलभराव की तस्वीर न केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि बाहर से आने वाले जायरीनों के बीच भी गलत संदेश देती है।अब देखना यह है कि बारिश से खुली इस बदहाली की पोल के बाद जिम्मेदार विभाग महज खानापूर्ति करते हैं या पिरान कलियर की गंदगी और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालते हैं।या फिर ऐसे ही कलियर में गंदगी जमा रहेगी?
