दिल्ली:(भगवा सनातन टाइम्स रिपोर्ट)उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की नोएडा यूनिट ने रविवार देर रात बागपत जनपद में एक मुठभेड़ के दौरान कुख्यात अपराधी संदीप को मार गिराया। संदीप पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। वह हाईवे पर ट्रक ड्राइवरों की बेरहमी से हत्या कर ट्रकों में लदे माल की लूटपाट करता था।
एसटीएफ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मारा गया अपराधी हरियाणा के रोहतक जिले के महम थाना क्षेत्र के गांव भैणी महाराजगंज का निवासी था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती समेत गंभीर धाराओं में कुल 16 मामले दर्ज थे। संदीप हरियाणा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में अपराधों को अंजाम दे चुका था और पहले भी हरियाणा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका था।
एसटीएफ के अपर पुलिस महानिदेशक अमिताभ यश ने बताया कि 29 जून की रात एसटीएफ नोएडा यूनिट को सूचना मिली थी कि बागपत जिले में हाईवे पर ट्रक लूटने वाला गैंग एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम, एसपी राजकुमार मिश्रा के नेतृत्व में, बागपत पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन में लग गई।
थाना बागपत कोतवाली क्षेत्र में कुछ संदिग्ध बदमाश बाइक पर सवार होकर आते दिखाई दिए। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें एक बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मारे गए बदमाश की पहचान संदीप उर्फ लोहार के रूप में हुई, जो पूर्व में पहलवान रह चुका था। वह ट्रक ड्राइवरों की हत्या के बाद उनके शवों को या तो जमीन में गाड़ देता था या नहरों और नदियों में बहा देता था। एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, संदीप ट्रांसपोर्ट जगत में आतंक का पर्याय बन चुका था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि संदीप की तीन वर्षीय बेटी की घर में बनी पानी की हौदी में डूबकर मौत हो गई थी। इस घटना के बाद वह मानसिक रूप से टूट गया और अपराध की दुनिया में उतर गया। पहले ट्रांसपोर्ट में काम करने के बाद उसने व्यापार शुरू किया, लेकिन घाटे के चलते वह अपराध की ओर मुड़ गया। पुलिस पूछताछ में उसने कबूल किया था कि बेटी की मौत के बाद उसने ठान लिया था कि वह “अच्छे काम” नहीं करेगा।
पुलिस ने मौके से एक बाइक और एक अवैध हथियार भी बरामद किया है। संदीप का एक संगठित गिरोह था जो हाईवे पर चलने वाले ट्रकों को निशाना बनाता था। अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है।

