पिरान कलियर:(जीशान मलिक)धनौरी पीजी कॉलेज में सोमवार को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में विविध कार्यक्रमों की धूम रही। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने भाषण और कला के माध्यम से बाबा साहेब के आदर्शों को जीवंत किया।
“भाषण प्रतियोगिता में दिखी वैचारिक प्रखरता!
कॉलेज के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण समकालीन परिप्रेक्ष्य में डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता” विषय पर आधारित भाषण प्रतियोगिता रही। इसमें प्रतिभागियों ने तर्कपूर्ण ढंग से बताया कि किस प्रकार बाबा साहेब के सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांत आज के डिजिटल युग में भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
“नुक्कड़ नाटक ने मोहा मन!
विद्यार्थियों द्वारा डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्षों पर आधारित एक मार्मिक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इसके माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों पर प्रहार करते हुए सामाजिक समरसता और शिक्षा के महत्व का संदेश दिया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।
“आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान!
महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. अलका सैनी ने अपने संबोधन में कहा,”बाबा साहेब केवल एक संविधान निर्माता नहीं, बल्कि करोड़ों शोषितों की आवाज और सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे। उनके बताए ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ के मार्ग पर चलकर ही हम एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।”
सुव्यवस्थित संचालन
कार्यक्रम का कुशल संचालन ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग की सहायक आचार्या डॉ. मीनाक्षी सैनी ने किया। इस दौरान कॉलेज के अन्य प्रवक्ताओं ने भी डॉ. अंबेडकर के जीवन दर्शन पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के अंत में एनएसएस इकाई और कॉलेज प्रबंधन द्वारा सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर कॉलेज का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

