Breaking
31 Jul 2026, Fri

चर्चा गर्म: अपराधियों पर शिकंजा कसने वाले IPS अखिल कुमार हटाए गए कानपुर से

कानपुर Ips Akhil kumar

चर्चा गर्म: अपराधियों पर शिकंजा कसने वाले IPS अखिल कुमार हटाए गए कानपुर से

लखनऊ,आलम अंसारी,भगवा सनातन टाइम्स

उत्तर प्रदेश के कानपुर में चर्चित अखिलेश दुबे प्रकरण को उजागर करने वाले पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार का ट्रांसफर इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। केंद्र सरकार ने गृह मंत्रालय के माध्यम से आदेश जारी करते हुए 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी को तत्काल कार्यमुक्त करने और नई जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए। इस फैसले के बाद न केवल कानपुर बल्कि पूरे प्रदेश में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

नई नियुक्ति: डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के एमडी-सीईओ

25 अगस्त 2025 की रात को जारी आदेश में अखिल कुमार को सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन का प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया। यह पद अतिरिक्त सचिव स्तर का है, जिसे उनके करियर की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस जिम्मेदारी में अब वह राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मेशन को आगे बढ़ाएंगे।

गृह मंत्रालय का आदेश और तेजी से प्रक्रिया

गृह मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी संजीव कुमार द्वारा यूपी के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि अखिल कुमार को तत्काल कार्यमुक्त किया जाए। आमतौर पर इस तरह की नियुक्तियों के लिए राज्य सरकार को एनओसी (No Objection Certificate) जारी करना पड़ता है, जिसमें एक महीने तक का समय लगता है। लेकिन इस बार केंद्र सरकार के पत्र ने इस प्रक्रिया को तेज कर दिया।

ऑपरेशन महाकाल: कानपुर में चला बड़ा अभियान

कानपुर में पुलिस कमिश्नर रहते हुए अखिल कुमार ने ऑपरेशन महाकाल शुरू किया। इस अभियान के तहत कुख्यात अखिलेश दुबे और उसके नेटवर्क पर शिकंजा कसा गया। दुबे पर जमीन कब्जाने, उगाही, फर्जी एफआईआर दर्ज कराने और अपराधियों को संरक्षण देने जैसे गंभीर आरोप हैं। पुलिस की सख्त कार्रवाई के बाद दुबे को गिरफ्तार किया गया और उसके कई साथियों को जेल भेजा गया।

इस ऑपरेशन ने कानपुर में कानून-व्यवस्था को मजबूती दी और जनता के बीच अखिल कुमार की छवि एक सख्त और ईमानदार पुलिस अधिकारी की बनी।

ट्रांसफर पर उठ रहे सवाल

हालांकि, जब अखिलेश दुबे प्रकरण अभी सुर्खियों में है, उसी बीच अखिल कुमार का ट्रांसफर होना कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय स्तर पर लोग मान रहे हैं कि यह कदम कहीं न कहीं राजनीतिक दबाव का नतीजा है। दुबे के कथित नेटवर्क और प्रभावशाली रिश्तों को देखते हुए लोग ट्रांसफर को संदिग्ध मान रहे हैं।

वहीं, सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह पूरी तरह से एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है और अखिल कुमार की नियुक्ति को उनके कार्यों का सम्मान समझा जाना चाहिए।

जनता और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया

अखिल कुमार के तबादले की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं उमड़ पड़ीं। ट्विटर (X) और फेसबुक पर #OperationMahakal और #AkhilKumar ट्रेंड करने लगे। हजारों यूजर्स ने उनके काम की सराहना करते हुए लिखा कि कानपुर ने एक ईमानदार और सख्त पुलिस अफसर खो दिया है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि अब दुबे जैसे अपराधियों का नेटवर्क फिर से सक्रिय हो सकता है।

राजनीतिक हलकों में हलचल

राजनीतिक हलकों में भी यह ट्रांसफर चर्चा का विषय है। विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब एक अफसर अपराधियों पर नकेल कस रहा था, तभी उसका ट्रांसफर कर देना कहीं न कहीं अपराधियों को राहत देने जैसा है। वहीं, सत्तारूढ़ दल का कहना है कि यह एक प्रोमोशन पोस्टिंग है और इससे अखिल कुमार को राष्ट्रीय स्तर पर काम करने का मौका मिलेगा।

आगे की राह

अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कानपुर में नए पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति कौन होगी और वे अखिल कुमार द्वारा चलाए गए ऑपरेशन महाकाल को किस तरह आगे बढ़ाते हैं। साथ ही, अखिल कुमार की नई भूमिका में डिजिटल इंडिया मिशन को किस तरह गति मिलेगी, यह देखना दिलचस्प होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *