हरिद्वार:(रागिब नसीम) आगामी श्रावण कांवड़ मेले को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक विस्तृत यातायात योजना जारी की है। इस योजना का उद्देश्य हरिद्वार आने-जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधाजनक आवाजाही सुनिश्चित करना है। कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़, वाहनों की अधिकता और सुरक्षा दृष्टिकोण से कई मार्गों को डायवर्ट किया गया है और व्यापक पार्किंग इंतजाम किए गए हैं।
यातायात रूट सामान्य दिनों में
दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, मंगलौर और हरिद्वार की ओर से आने वाले वाहन सामान्यतः इन मार्गों से गुजरेंगे। इसी तरह, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, सहारनपुर, छुटमलपुर और देहरादून से हरिद्वार की यात्रा करने वालों को भी विशेष मार्ग सुझाए गए हैं। देहरादून और ऋषिकेश से नेपाली तिराहा होते हुए रायवाला मार्ग से हरिद्वार पहुंचा जा सकता है। नैनीताल, नजीबाबाद और श्यामपुर की ओर से आने वाले वाहन भी निर्धारित मार्गों से हरिद्वार में प्रवेश करेंगे।
डायवर्जन प्लान
दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर से हरिद्वार आने वाले भारी वाहन मंगलौर, नगला इमरती सर्विस लेन, लंढौरा, लक्सर, एसएम तिराहा और फिर बैरागी कैंप पार्किंग तक भेजे जाएंगे। हल्के वाहन भूराहेड़ी, पुरकाजी बॉर्डर, तुगलपुर, लक्सर, एसएम तिराहा से बैरागी कैम्प पार्किंग तक डायवर्ट किए जाएंगे।
अगर इन मार्गों पर अत्यधिक दबाव हुआ, तो रामपुर तिराहा, देवबंद, कोल्की टोल प्लाजा, बडकला, मंडावर, अब्दुल कलाम चौक, नगला इमरती, लक्सर और एसएम तिराहा होते हुए वैकल्पिक निकासी की जाएगी।
दिल्ली से देहरादून और ऋषिकेश जाने वाले वाहन रामपुर तिराहा, देवबंद, छुटमलपुर होते हुए देहरादून और ऋषिकेश जा सकेंगे।
रोडवेज बसों की व्यवस्था
देहरादून और ऋषिकेश से हरिद्वार आने-जाने वाली सभी बसें नेपाली तिराहा, रायावाला, दूधाधारी तिराहा होते हुए मोतीचूर पार्किंग में खड़ी की जाएंगी। दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, पंजाब और हरियाणा की ओर से आने वाली बसें अपने निर्धारित रूट से ही संचालित होंगी और ऋषिकुल मैदान में पार्क की जाएंगी। बिजनौर, नजीबाबाद, मुरादाबाद और नैनीताल से आने वाली बसें नीलधारा या गौरीशंकर पार्किंग में खड़ी होंगी।
चारधाम यात्रा मार्ग
केदारनाथ और बद्रीनाथ जाने वाले वाहनों को मेरठ, गढ़मुक्तेश्वर, नजीबाबाद, कोटद्वार, श्रीनगर होते हुए भेजा जाएगा। गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए वाहन मेरठ, मुजफ्फरनगर, देवबंद, छुटमलपुर, विकासनगर होते हुए भेजे जाएंगे।
भारी वाहनों पर प्रतिबंध
11 जुलाई से 17 जुलाई तक रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक भारी वाहनों को अनुमति होगी। 18 जुलाई से 23 जुलाई तक भारी वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
मुरादाबाद, बिजनौर और नजीबाबाद से आने वाले भारी वाहन चिडियापुर या कांगड़ी पार्किंग में रोके जाएंगे। दिल्ली-मेरठ से आने वाले भारी वाहनों को नारसन बॉर्डर या मंडावर में खड़ा किया जाएगा।
आकस्मिक ट्रैफिक व्यवस्ता
देहरादून और पौड़ी जनपद से हरिद्वार की ओर आने वाले वाहनों को आवश्यकतानुसार डायवर्ट या होल्ड किया जाएगा। लक्सर मार्ग के बाधित होने पर कांवड़ वाहनों को गुड़ मंडी या नगला इमरती के पास खड़ा किया जाएगा। सप्तऋषि से बहादराबाद के बीच ट्रैफिक दबाव या जाम की स्थिति में वाहनों को धनौरी मार्ग से निकाला जाएगा।
बढ़ेड़ी मार्ग अवरुद्ध होने पर सल्फर मोड़ से लक्सर या खानपुर होकर निकासी की जाएगी। नारसन और मंगलौर में अधिक दबाव की स्थिति में दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन मंडावर होकर निकाले जाएंगे।
ई-रिक्शा और ऑटो के लिए विशेष डायवर्जन
ऋषिकेश या देहरादून से आने वाले ऑटो या विक्रम को दूधाधारी अंडरपास से मोतीचूर पार्किंग से लौटाया जाएगा। ज्वालापुर और बीएचईएल की ओर से आने वाले ऑटो शिवमूर्ति तिराहा से तुलसी चौक होते हुए वापस भेजे जाएंगे। कनखल, जगजीतपुर और हिलबाइपास की दिशा से आने वाले ऑटो/ई-रिक्शा को भी निर्धारित पॉइंट्स से लौटाया जाएगा।
जीरो ज़ोन क्षेत्र
चंडी चौक से शिवमूर्ति चौक, शिवमूर्ति से हरकी पैड़ी और भीमगौड़ा बैरियर से हरकी पैड़ी तक का क्षेत्र जीरो ज़ोन घोषित किया गया है। इन इलाकों में किसी भी प्रकार का वाहन प्रवेश नहीं कर सकेगा।
पार्किंग व्यवस्था
बैरागी पार्किंग में 15,000 भारी वाहनों के लिए जगह है, जो हरकी पैड़ी से लगभग 5 किमी दूर है। दोपहिया वाहनों के लिए ऋषिकुल ग्राउंड और दीन दयाल पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। हल्के वाहनों के लिए मोतीचूर, अलकनंदा, लालजीवाला, पंतदीप और चमगादड़ टापू पार्किंग उपलब्ध रहेंगी। बिजनौर, मुरादाबाद, नजीबाबाद की दिशा से आने वाले वाहनों के लिए गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग आरक्षित हैं।
कुल मिलाकर 42,700 वाहनों के लिए हरिद्वार में पार्किंग की व्यवस्था की गई है जिसमें हल्के वाहन, दुपहिया और भारी वाहन शामिल हैं।
श्रद्धालुओं से अपील है कि वे प्रशासन द्वारा जारी मार्गदर्शन का पालन करें, वैकल्पिक मार्गों का सहारा लें और संयम एवं धैर्य के साथ यात्रा करें ताकि यह धार्मिक आयोजन सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

