
राजस्थान:(जीशान मलिक) राजस्थान के अजमेर में स्थित हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (गरीब नवाज) की दरगाह पर सालाना रूप से मनाए जाने वाले उर्स को लेकर जायरीनों में काफी उत्साह है। उर्स में शामिल होने के लिए देश विदेश से बड़ी संख्या में जायरीन अजमेर पहुंच चुके हैं।आज शनिवार को ख्वाजा गरीब नवाज की छठी शरीफ मनायी जाएगी। रजब महीने की छठी तारीख को ही ख्वाजा गरीब नवाज की पुण्यतिथि मनायी जाती है।


“सन् 1141 में इरान में जन्में थे ख्वाजा गरीब नवाज…

जायरीन बताते हैं कि हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलैह प्रसिद्ध सूफी संत थे। उन्होंने 12वीं शताब्दी में अजमेर में चिश्ती पंथ की शुरूआत की थी। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का जन्म ईरान में सन् 1141 में हुआ था। बचपन से ही उनका मन सांसारिक चीजों में नहीं लगता था। वह परिवार से अलग होकर रूहानी दुनियां से जुड़े रहते थे। वह मानव जगत की सेवा को ही अपने जीवन का एकमात्र धर्म मानते थे।आपको बता दे कि 50 वर्ष की आयु में ही ख्वाजा भारत आ गए थे। यहां उनका मन अजमेर में ऐसा रमा कि वे फिर यहीं के होकर रह गए।और यहीं पर भक्तों की सेवा में लग गए। वह खुदा से भक्तों का दुःख-दर्द दूर कर उनके जीवन को खुशियों से भरने की दुआ मांगते थे।

