बरेली:(ज़ीशान मलिक) आला हजरत के 108वें उर्स-ए-रजवी के आखिरी दिन शनिवार को दरगाह पर करीब 10 लाख जायरीन पहुंचे। देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से भी अकीदतमंदों ने पहुंचकर खिराज-ए-अकीदत पेश की। कुल शरीफ की रस्म के बाद देश-दुनिया में अमन, भाईचारे, खुशहाली और सलामती की दुआ की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत कुरान की तिलावत से हुई। उलेमा ने अपनी तकरीरों में शिक्षा, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे पर जोर दिया। मुफ्ती सलीम नूरी ने तिरंगे के स्वरूप में किसी तरह का बदलाव न करने की अपील करते हुए कहा कि देश में आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखना जरूरी है।
लाखों जायरीनों की भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने उर्स स्थल और प्रमुख मार्गों पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कुल शरीफ की रस्म पूरी होने के बाद जायरीनों की वापसी शुरू हो गई। नात-ओ-मनकबत और धार्मिक कार्यक्रमों के बीच उर्स सकुशल संपन्न हुआ।
