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30 Jul 2026, Thu

लोक अदालत से राहत: चेक बाउंस से पारिवारिक विवाद तक, सबका समाधान

हरिद्वार:(चीफ एडिटर) राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) नई दिल्ली के निर्देश और उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आज हरिद्वार में इस वर्ष की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नरेन्द्र दत्त के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत में हजारों वादकारियों को त्वरित न्याय मिला।

“20 बेंचों में हुआ मामलों का निस्तारण”

जिला न्यायालय परिसर रोशनाबाद में 10, बाह्य न्यायालय रुड़की में 07 और न्यायालय लक्सर में 03 बेंचों का गठन किया गया। इन बेंचों में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के आधार पर किया गया। लोक अदालत में चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना क्लेम, पारिवारिक विवाद, सिविल वाद, श्रम विवाद, बिजली-पानी के बिल, बैंक रिकवरी और शमनीय प्रकृति के मामलों को प्राथमिकता दी गई।

आज के आयोजन में न्यायालयों में लंबित कुल 2252 वाद और 132 प्री-लिटिगेशन मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इनमें कुल ₹6,42,88,111 की समझौता राशि का सेटलमेंट हुआ। इससे न्यायालयों पर लंबित मुकदमों का बोझ कम करने में बड़ी सफलता मिली।

“लोक अदालत त्वरित न्याय का सशक्त माध्यम”

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार की सचिव सिमरनजीत कौर ने कहा कि लोक अदालत त्वरित न्याय प्राप्त करने का एक सशक्त और किफायती माध्यम है। इससे पक्षकारों के बीच आपसी सुलह-समझौते से मामले निपटते हैं। वर्षों से चली आ रही कटुता समाप्त होती है और आपसी प्रेम व सद्भाव बढ़ता है।

लोक अदालत के सफल संचालन पर सचिव द्वारा सभी न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और वादकारियों का आभार जताया गया।

By zeeshan

Zeeshan डिजिटल मीडिया से जुड़े युवा पत्रकार हैं। वे Bhagwasanatantimes.com के साथ कार्यरत हैं और राजनीति, समाज, धर्म और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि है, और वे निष्पक्ष और तथ्यात्मक खबरों के लिए जाने जाते हैं।

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