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1 Aug 2026, Sat

कावेंडिश इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (जेके टायर यूनिट) में एलटीएस (वेतन समझौता) विवाद, कर्मचारी सस्पेंड और टर्मिनेट

कावेंडिश इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (जेके टायर यूनिट) में एलटीएस (वेतन समझौता) विवाद, कर्मचारी सस्पेंड और टर्मिनेट

हरिद्वार ,भगवा सनातन टाइम्स

कावेंडिश इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (जेके टायर यूनिट) में चल रहे लेबर टर्न सेटलमेंट (LTS) को लेकर विवाद गहरा गया है। कंपनी के जनरल मैनेजर एचआर (आईआर) और ईएचएस धीरज शर्मा के अनुसार, हर तीन वर्षों में कंपनी यूनियन के साथ शांतिपूर्ण वातावरण में वेतन समझौते पर सहमति बनाती है। इस प्रक्रिया में उत्पादन में वृद्धि के परिणामस्वरूप हुई बचत का एक हिस्सा कर्मचारियों को वेतन वृद्धि के रूप में दिया जाता है।

इस बार भी उत्पादन लक्ष्य तय किया गया था, जिसमें कुछ विभागों ने लक्ष्य को पूरा किया, जबकि कुछ विभागों ने इसमें भाग लेने से इंकार कर दिया। यूनियन ने ₹20,000 से ₹25,000 तक की सीधी वेतन वृद्धि की मांग की, जबकि कंपनी ने स्पष्ट किया कि वेतन वृद्धि केवल उत्पादन वृद्धि के बाद की जाएगी।

पिछले 5-6 महीनों के दौरान कई बैठकें हुईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। फरवरी में कुछ कर्मचारियों ने जानबूझकर उत्पादन घटा दिया, जिसे ‘घोस्ट लॉ’ (Ghost Law) कहा जाता है। इस अवैध गतिविधि में शामिल कर्मचारियों ने सभी संसाधनों के बावजूद उत्पादन में जानबूझकर कमी की, जिससे कंपनी को भारी नुकसान हुआ। इसके परिणामस्वरूप कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई और 8-10 कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई की गई।

कंपनी ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तीन कर्मचारियों — अशोक कुमार, निशांत कुमार और सुनील कुमार — को टर्मिनेट कर दिया और 41 कर्मचारियों को सस्पेंड किया। इसके अलावा, अवैध हड़ताल और धरने के कारण हाईकोर्ट के आदेश पर प्रदर्शनकारियों को कंपनी से 200 मीटर दूर हटा दिया गया।

फिलहाल, कंपनी में लगभग 40-45% कर्मचारी ही काम पर लौटे हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जिन तीन कर्मचारियों को टर्मिनेट किया गया है, उन्हें किसी भी स्थिति में पुनः बहाल नहीं किया जाएगा। अन्य निलंबित कर्मचारियों के खिलाफ डोमेस्टिक इंक्वायरी (आंतरिक जांच) जारी है, और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कंपनी के जनरल मैनेजर धीरज शर्मा ने सभी कर्मचारियों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी ड्यूटी पर लौटें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारी निर्धारित समय सीमा में ड्यूटी पर वापस नहीं लौटे, तो उनकी नौकरी भी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उत्पादन सामान्य होता है और कर्मचारी ड्यूटी पर लौट आते हैं, तो कंपनी 10 दिनों के भीतर एलटीएस समझौता पूरा कर लेगी।

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