
हरिद्वार:(जीशान मलिक) आगामी कुंभ मेला-2027 को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने सुरक्षा तैयारियों को गति देना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने हरिद्वार पहुंचकर सीसीआर स्थित सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन समेत विभिन्न तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की।बैठक में पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. नीलेश आनंद भरणे, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक कुंभ मेला डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंभ मेला आयुष अग्रवाल सहित पुलिस, अभिसूचना, एटीएस, यातायात और जीआरपी के अधिकारी मौजूद रहे।


बैठक की शुरुआत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंभ मेला-2027 द्वारा अब तक की गई तैयारियों और आगामी कार्ययोजना के प्रस्तुतीकरण से हुई। इसके बाद एडीजी ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की। इनमें यातायात संचालन, भीड़ नियंत्रण, आपदा एवं आपातकालीन प्रबंधन, संचार व्यवस्था, डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल तथा पुलिस बल की चरणबद्ध तैनाती प्रमुख रहे।एडीजी डॉ. मुरुगेशन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ मेले जैसी विशाल व्यवस्था के लिए सभी तैयारियां ठोस कार्ययोजना के तहत समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं। उन्होंने जोन और सेक्टर स्तर पर पुलिस व्यवस्था निर्धारित करने के साथ आवश्यक पुलिस बल की उपलब्धता एवं चरणबद्ध तैनाती सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि कुंभ मेला विश्व का प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मेले को निर्विघ्न संपन्न कराना उत्तराखंड पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था के साथ यातायात और भीड़ प्रबंधन को भी प्रभावी बनाए रखना जरूरी है।एडीजी ने संबंधित विभागों और सीमावर्ती जनपदों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
समीक्षा बैठक के बाद एडीजी डॉ. मुरुगेशन ने अधिकारियों के साथ कुंभ मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली।इसके बाद वह एटीसी पहुंचे, जहां कुंभ मेला ड्यूटी के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे जवानों से रूबरू हुए। उन्होंने प्रशिक्षण की प्रगति और जवानों की तैयारियों के संबंध में जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

