ऋषिकेश:(जीशान मलिक) कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) के जवानों ने गीता भवन घाट नंबर-3 पर एक कांवड़िए की जान बचाकर अपनी तत्परता और साहस का परिचय दिया। स्नान के दौरान पैर फिसलने से गंगा की तेज धारा में बह रहे कांवड़िए को SDRF जवानों ने तत्काल रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार हरियाणा के झज्जर जिले निवासी नवीन कुमार (29) गंगाजल लेने के लिए ऋषिकेश पहुंचे थे। गीता भवन घाट नंबर-3 पर स्नान के दौरान अचानक पैर फिसलने से वह गंगा की तेज धारा की चपेट में आ गए और बहने लगे। नदी का बहाव तेज होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सके।
कांवड़िए को गंगा में बहता देख घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। कांवड़ ड्यूटी पर तैनात SDRF टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हेड कांस्टेबल राकेश रावत ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए तेज बहाव वाली गंगा में प्रवेश किया और बह रहे कांवड़िए तक पहुंच गए।
उन्होंने नवीन कुमार को सुरक्षित पकड़ लिया और डूबने से बचाते हुए नियंत्रित स्थिति में रखा। इसके बाद SDRF के अन्य जवानों ने रेस्क्यू उपकरणों और आपसी समन्वय की मदद से दोनों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाला।समय रहते SDRF की ओर से की गई त्वरित कार्रवाई से कांवड़िए की जान बच सकी। सुरक्षित बाहर आने के बाद नवीन कुमार और मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने SDRF जवानों के साहस और उत्तराखंड पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए आभार जताया।SDRF की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि आपदा या संकट की स्थिति में उसके जवान अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।

