हरिद्वार:(जीशान मलिक) श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंचते ही धर्मनगरी हरिद्वार शिवमय हो उठी है। देश के कोने-कोने से पहुंचे लाखों कांवड़ियों ने हरिद्वार की सड़कों, घाटों और मंदिरों को भगवामय कर दिया है। हर की पैड़ी से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों तक “बोल बम”, “हर-हर महादेव” और “जय भोलेनाथ” के गगनभेदी जयघोष लगातार गूंज रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण शिवभक्ति में सराबोर नजर आ रहा है।गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु विधि-विधान से पवित्र गंगाजल भरकर अपने-अपने शिवालयों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। डाक कांवड़, झांकी कांवड़ और पारंपरिक कांवड़ यात्राओं ने पूरे शहर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया है। भगवा वस्त्रों में सजे शिवभक्तों का अनुशासन, भक्ति और उत्साह हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और स्वयंसेवी संस्थाओं ने जगह-जगह भंडारे, शीतल पेयजल, चिकित्सा शिविर और विश्राम स्थलों की व्यवस्था की है। सेवा कार्यों में जुटे स्वयंसेवक पूरे समर्पण के साथ शिवभक्तों की सहायता कर रहे हैं, जिससे कांवड़ यात्रा सेवा और समर्पण का भी प्रतीक बन गई है।वहीं, कांवड़ मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस और मेला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और यातायात प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है। अधिकारियों द्वारा लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आस्था, अनुशासन और सेवा के अद्भुत संगम के बीच हरिद्वार इन दिनों सचमुच शिव की नगरी’ का जीवंत स्वरूप प्रस्तुत कर रहा है। कांवड़ियों का अथाह सैलाब और शिवनाम की अनवरत गूंज इस बात का प्रमाण है कि सनातन आस्था का यह महापर्व हर वर्ष की तरह इस बार भी भव्यता और श्रद्धा के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

