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6 Aug 2026, Thu

एस.एम.जे.एन. कॉलेज में ‘विजय दिवस’ पर वीरों को नमन

एस.एम.जे.एन. कॉलेज में ‘विजय दिवस’ पर वीरों को नमन

हरिद्वार, 16 दिसंबर।

एस.एम.जे.एन. पी.जी. कॉलेज में 1971 के भारत–पाक युद्ध में मिली ऐतिहासिक विजय की स्मृति में ‘विजय दिवस’ हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

शौर्य दीवार पर अर्पित किए पुष्प

महाविद्यालय की शौर्य दीवार पर प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा सहित समस्त उपस्थित जनों ने पुष्प अर्पित कर अमर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में बांग्लादेश के निर्माण और पाकिस्तान पर भारत की निर्णायक विजय को भावपूर्ण रूप से स्मरण किया गया।

 

बलिदानी सैनिकों का योगदान युवा चेतना में रहे: प्रो. बत्रा

प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सेना ने रिकॉर्ड समय में पाकिस्तान का विभाजन कर दक्षिण एशिया में बांग्लादेश जैसे नए राष्ट्र के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने तत्कालीन जनरल सैम मानेकशॉ की कुशल सैन्य रणनीति और भारतीय सैनिकों के अद्भुत रणकौशल की सराहना की।

प्रो. बत्रा ने छात्र-छात्राओं से 16 दिसंबर 1971 के गौरवशाली इतिहास को पढ़ने और समझने का आह्वान करते हुए कहा कि बलिदानी सैनिकों का अमूल्य योगदान नई पीढ़ी की चेतना में सदैव जीवित रहना चाहिए।

सैन्य इतिहास का अतुलनीय युद्ध

राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. विनय थपलियाल ने 1971 के युद्ध को सैन्य इतिहास का ‘अतुलनीय युद्ध’ बताया। उन्होंने कहा कि इस विजय ने दक्षिण एशिया में लोकतंत्र की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया। साथ ही बांग्लादेश के जननायक शेख मुजीबुर्रहमान का स्मरण करते हुए उन्होंने इसे बांग्लादेशी जनभावना, भारतीय सैन्य कौशल और सशक्त राजनीतिक इच्छाशक्ति का सामूहिक परिणाम बताया।

कार्यक्रम में गोपाल अरोड़ा, प्रो. जे.सी. आर्य, डॉ. शिवकुमार चौहान, डॉ. विनीता चौहान, डॉ. सरोज शर्मा, डॉ. रजनी सिंघल, डॉ. पदमावती तनेजा, ऋचा मिनोचा, रिंकल गोयल, वैभव बत्रा, अंकित बंसल, यादविंदर सिंह, कार्यालय अधीक्षक मोहन चन्द्र पाण्डेय सहित अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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