sealed मदरसे के ताले टूटे, विधायक के हाथों से खुला दरवाजा! Video
रुड़की,जिशान मालिक
29 मार्च 2025। रुड़की के ढंढेरा इलाके में पिछले एक हफ्ते से सन्नाटा पसरा था। सरकार की कार्रवाई के तहत अवैध करार देकर प्रशासन ने इस बड़े मदरसे पर ताले जड़ दिए थे। लेकिन दोपहर, एक ऐसा पल आया जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी।
2 बजे का समय तय था। सैकड़ों की भीड़ जमा थी। सबकी निगाहें उस बंद दरवाजे पर टिकी थीं, जहां प्रशासन की मुहर लगी थी। तभी, अचानक विधायक उमेश कुमार वहां पहुंचे। उनके साथ धार्मिक गुरु मुफ्ती रियासत अली और मौलाना अरशद भी मौजूद थे। माहौल में बेचैनी थी—क्या प्रशासन का फैसला पलटेगा? क्या ताले खुलेंगे?
तभी विधायक उमेश कुमार ने अपने हाथों से मदरसे का ताला खोला! अगले ही पल भीड़ में जोश की लहर दौड़ गई। फूलों की बारिश शुरू हो गई। ‘उमेश कुमार जिंदाबाद’ के नारे आसमान में गूंज उठे।
ये सिलसिला तब शुरू हुआ जब प्रशासन ने ढंढेरा के इस बड़े मदरसे को अवैध मानते हुए सील कर दिया था। लेकिन मदरसे के जिम्मेदार लोगों ने हार नहीं मानी। धार्मिक गुरुओं से बातचीत के बाद उन्होंने विधायक उमेश कुमार से मदद की गुहार लगाई। विधायक ने खुद जिलाधिकारी से मुलाकात की, दस्तावेजों की जांच करवाई, और जब मदरसे के सभी कागजात सही पाए गए, तो प्रशासन ने ताले खोलने की अनुमति दे दी।
मंच से मुफ्ती रियासत अली ने भावुक होकर कहा— “हमारी कौम विधायक उमेश कुमार की शुक्रगुजार रहेगी। हमें ऐसे ही जन-प्रतिनिधि चाहिए, जो जायज़ कामों में हमारा साथ दें।”
वहीं, विधायक उमेश कुमार ने स्पष्ट कहा— “सरकार अगर किसी मदरसे को अवैध पाती है, तो ज़रूर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन जहां सभी कागजात पूरे हैं, वहां किसी भी हाल में अन्याय नहीं होने देंगे।” उन्होंने यह भी खुलासा किया कि 2 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में मदरसों पर कार्रवाई के मुद्दे पर सुनवाई होगी, जिसमें देश के दिग्गज वकील कपिल सिब्बल पैरवी करेंगे।
अब पूरे राज्य की नज़रें इस मामले पर टिकी हैं—क्या सुप्रीम कोर्ट से कोई बड़ा फैसला आएगा? क्या मदरसों पर प्रशासन की कार्रवाई थमेगी या फिर कोई नया मोड़ आएगा?

