Breaking
28 Aug 2026, Fri

साबिर पाक की दरगाह पर अदा हुई मेहंदी डोरी की रस्म, उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़

पिरान कलियर:(जीशान मलिक) विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक, पिरान कलियर में शुक्रवार को बाद नमाज़े ईशा मेहंदी डोरी की पारंपरिक रस्म अकीदत और धार्मिक माहौल के बीच अदा की गई। नमाज-ए-इशा के बाद आयोजित इस रस्म में बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद शामिल हुए। इस दौरान दरगाह परिसर में विशेष रौनक देखने को मिली और जायरीनों ने साबिर पाक की दरगाह पर हाजिरी देकर देश में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआ मांगी।

मेहंदी डोरी की रस्म साबरी परंपरा से जुड़ी महत्वपूर्ण रस्मों में मानी जाती है। रस्म के दौरान दरगाह परिसर को विशेष रूप से सजाया गया। अकीदतमंदों ने पूरी श्रद्धा के साथ रस्म में शिरकत की और दरगाह पर चादर व फूल पेश कर अपनी अकीदत का इजहार किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने दरगाह परिसर में मौजूद रहकर रस्म को देखा और दुआ में शामिल हुए।रस्म के दौरान दरगाह परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा। जायरीनों ने साबिर पाक की चौखट पर माथा टेककर अपनी मुरादों के लिए दुआ की। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे अकीदतमंदों ने भी मेहंदी डोरी की रस्म में हिस्सा लिया।

बताया जाता है कि मेहंदी डोरी की रस्म साबरी परंपरा में विशेष महत्व रखती है। इस रस्म के दौरान अकीदतमंद अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ दरगाह पर उपस्थित होते हैं। रस्म के बाद जायरीन दरगाह में फातिहा पढ़ते हैं और अपने परिवार तथा मुल्क की खुशहाली के लिए दुआ करते हैं।कलियर पहुंचने वाले जायरीनों को देखते हुए दरगाह क्षेत्र में भीड़भाड़ का माहौल रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें भी सक्रिय रहीं। दरगाह परिसर और आसपास के प्रमुख स्थानों पर निगरानी रखी गई, जबकि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए गए।

मेहंदी डोरी की रस्म के दौरान जायरीनों में खासा उत्साह देखने को मिला। अकीदतमंदों ने कहा कि साबिर पाक की दरगाह से लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है और यहां होने वाली प्रत्येक धार्मिक परंपरा में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कई जायरीन परिवार के साथ कलियर पहुंचे और रस्म में शामिल होकर देश में अमन, आपसी भाईचारे और खुशहाली की दुआ करते नजर आए।दरगाह परिसर में रस्म की समाप्ति के बाद भी देर रात तक जायरीनों की आवाजाही जारी रही। कलियर शरीफ में मेहंदी डोरी की रस्म के साथ एक बार फिर साबरी परंपरा की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली।

By zeeshan

Zeeshan डिजिटल मीडिया से जुड़े युवा पत्रकार हैं। वे Bhagwasanatantimes.com के साथ कार्यरत हैं और राजनीति, समाज, धर्म और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि है, और वे निष्पक्ष और तथ्यात्मक खबरों के लिए जाने जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *