हरिद्वार:(चीफ एडिटर)स्थायी लोक अदालत हरिद्वार के न्यायालय कक्ष में अधिवक्ताओं के लिए आयोजित दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को समापन हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 24 अगस्त 2026 को हुआ था, जबकि 25 अगस्त को इसका समापन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थायी लोक अदालत की अध्यक्षा एवं न्यायाधीश एचजेएस नीतू जोशी ने की।
प्रशिक्षण के दौरान अधिवक्ताओं को उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल की ओर से जारी नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली, वाद दायर करने की प्रक्रिया तथा लोक उपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों के निस्तारण के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।अधिवक्ताओं को बताया गया कि स्थायी लोक अदालत में पब्लिक यूटिलिटी सर्विस यानी लोक उपयोगी सेवाओं से संबंधित मामले योजित किए जा सकते हैं। इनमें वायु, सड़क और जलमार्ग से यात्रियों या माल के परिवहन की सेवाएं, डाक, तार एवं टेलीफोन सेवाएं, विद्युत प्रकाश या जल उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं की सेवाएं, लोक सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था, अस्पताल एवं औषधालय की सेवाएं, बीमा और बैंकिंग सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा शैक्षिक एवं शैक्षणिक संस्थानों, आवास और भू-संपदा सेवाओं से संबंधित मामलों को भी स्थायी लोक अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान अध्यक्षा नीतू जोशी ने अधिवक्ताओं को यह भी जानकारी दी कि अब स्थायी लोक अदालत में पक्षकारों के निवेदन पर वाद की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से भी की जा सकती है। इससे दूर रहने वाले पक्षकारों को न्यायिक प्रक्रिया में शामिल होने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले अधिवक्ताओं ने स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। अध्यक्षा ने अधिवक्ताओं द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करने की बात कही। प्रशिक्षण के माध्यम से अधिवक्ताओं को नई एसओपी और स्थायी लोक अदालत की प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी मिली।
इस अवसर पर स्थायी लोक अदालत की सदस्य सुमन सागर एवं सदस्य संदीप त्यागी सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर अधिवक्ताओं ने इसे न्यायिक प्रक्रिया और लोक उपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों की बेहतर समझ के लिए महत्वपूर्ण बताया।

