श्री बदरीनाथ धाम यात्रा कपाटोत्सव 2025: गाडू घड़ा तेलकलश यात्रा का हुआ भव्य शुभारंभ
नरेंद्रनगर/ऋषिकेश, मनन ढींगरा 22 अप्रैल।
भगवान बदरीविशाल के पावन अभिषेक एवं अखंड ज्योति हेतु प्रयुक्त तिलों के तेल से भरे गाडू घड़ा की यात्रा का भव्य शुभारंभ आज मंगलवार को राजदरबार नरेंद्र नगर से हुआ। परंपरा अनुसार, यह यात्रा श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व आरंभ होती है और विभिन्न पड़ावों से होते हुए भगवान के धाम तक पहुँचती है।
राजमहल नरेंद्र नगर से महाराजा मनुजयेंद्र शाह एवं सांसद महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह की उपस्थिति में गाडू घड़ा तेलकलश यात्रा को शुभारंभ किया गया। इस पावन यात्रा में राजपरिवार के सदस्य, राजपुरोहित कृष्ण प्रसाद उनियाल, पुजारीगण, श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
तेलकलश दर्शन के लिए ऋषिकेश में पहला पड़ाव
तेलकलश यात्रा आज देर शाम श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की चेला चेतराम धर्मशाला/विश्राम गृह, रेलवे रोड ऋषिकेश पहुँचेगी। कल बुधवार, 23 अप्रैल को दिनभर यहां श्रद्धालु गाडू घड़ा के दर्शन कर सकेंगे। अपराह्न में यह यात्रा रात्रि विश्राम हेतु श्री शत्रुघ्न मंदिर, मुनिकीरेती प्रस्थान करेगी।
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल सहित अन्य विशिष्ट अतिथि भी ऋषिकेश में दर्शन हेतु पहुंचेंगे। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के सदस्यगण पहले ही 21 अप्रैल को ऋषिकेश पहुंच चुके थे और 22 अप्रैल को राजदरबार नरेंद्र नगर में आयोजित परंपरागत तेल निकासी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
राजमहल में तिल कूटने, तेल निकालने और चांदी के घड़े में संग्रहित करने की यह अनूठी और प्राचीन परंपरा आज भी जीवित है, जिसमें सुहागिन महिलाएं पीतवस्त्र धारण कर सहभागी बनती हैं।
3 मई को बदरीनाथ धाम पहुंचेगा गाडू घड़ा
यह यात्रा 3 मई की शाम तक श्री बदरीनाथ धाम पहुंचेगी और 4 मई प्रातः 6 बजे भगवान बदरीनाथ मंदिर के कपाट विधिवत खुलेंगे। कपाट खुलने के इस महापर्व की तैयारियाँ चरम पर हैं।
इस ऐतिहासिक और धार्मिक यात्रा में राजपुरोहित कृष्ण प्रसाद उनियाल, श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, उपाध्यक्ष भास्कर डिमरी, पूर्व अध्यक्ष विनोद डिमरी सहित डिमरी समाज, मंदिर समिति सदस्यगण, प्रबंधकगण एवं श्रद्धालु भारी संख्या में शामिल हुए।
23 अप्रैल को होगा विशेष पूजन
बुधवार प्रातः से चेला चेतराम धर्मशाला में गाडू घड़ा का विधिवत पूजन एवं दर्शन का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु दर्शन के साथ प्रसाद भी ग्रहण करेंगे। इसके पश्चात यात्रा अगले पड़ाव मुनिकीरेती की ओर प्रस्थान करेगी।
श्री बदरीनाथ धाम यात्रा का यह पारंपरिक तेलकलश समारोह न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करता है।

