देहरादून:(जीशान मलिक) भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और विजिलेंस में लंबे समय से लंबित जांचों का शीघ्र निस्तारण किए जाने की मांग को लेकर सुराज सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन के माध्यम से रमेश चंद्र जोशी ने प्रदेश में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों और विभिन्न विभागों में लंबित जांचों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीति स्पष्ट और सख्त होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच को अनावश्यक रूप से लंबित रखना उचित नहीं है। ऐसे मामलों में समयबद्ध तरीके से जांच पूरी कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि विजिलेंस में लंबित सभी मामलों की समीक्षा कर जांचों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराया जाए। जांच के दौरान भ्रष्टाचार अथवा अनियमितता के तथ्य सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।रमेश चंद्र जोशी ने कहा कि भ्रष्टाचार का सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। इसके कारण लोगों को सरकारी योजनाओं और विभागीय सेवाओं का लाभ लेने में परेशानी होती है। ऐसे में शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए केवल जांच शुरू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक मामले को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना भी जरूरी है। लंबे समय तक जांच लंबित रहने से शिकायतकर्ताओं और आम जनता में व्यवस्था के प्रति निराशा पैदा होती है।ज्ञापन में भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों एवं विभागों के मामलों की प्रभावी निगरानी, लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा और दोष सिद्ध होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
रमेश चंद्र जोशी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को प्रभावी रूप से लागू किया जाए और विजिलेंस समेत संबंधित जांच एजेंसियों को लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देंगे।

