टिहरी गढ़वाल:(जीशान मलिक)डोबरा-चाटी झील में अचानक आई भीषण आंधी ने तबाही मचा दी। तेज हवाओं और ऊंची लहरों ने झील में लगे फ्लोटिंग हटमेंट को क्षतिग्रस्त कर दिया। हटमेंट में फंसे 25-30 पर्यटकों की जान पर बन आई। लेकिन SDRF की कोटी कॉलोनी टीम ने अंधेरी रात में तूफान से लड़कर हर एक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
हटमेंट बहने लगे तो अंदर ठहरे पर्यटक मदद के लिए चीखने लगे। 30 अप्रैल को जबलपुर के बरगी बांध में हुई क्रूज दुर्घटना की आशंका से प्रशासन सतर्क हो गया। SDRF सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर टीम पहले से अलर्ट मोड पर थी। सूचना मिलते ही SI नरेंद्र राणा अपनी टीम और रेस्क्यू उपकरण लेकर घटनास्थल की ओर दौड़े। रात का वक्त, तेज आंधी, खतरनाक लहरें, हालात बेहद मुश्किल थे। लेकिन SDRF के जवानों ने अदम्य साहस दिखाया। तकनीकी दक्षता और मानवीय संवेदनशीलता के साथ टीम ने एक-एक कर सभी फंसे लोगों को हटमेंट से बाहर निकाला। घबराए पर्यटकों को ढांढस बंधाया गया। सभी 25-30 लोगों को पर्यटन विभाग की बोट से सकुशल कोटी कॉलोनी पहुंचाया गया।
SDRF की त्वरित कार्रवाई से टिहरी में बड़ा हादसा टल गया। कुछ देर पहले जो माहौल डर से भरा था, वह राहत में बदल गया। हर चेहरे पर जान बचने की खुशी साफ दिखी।SDRF ने चारधाम यात्रियों और पर्यटकों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। खराब मौसम में झीलों और जलाशयों से दूर रहें। सतर्कता ही सुरक्षा है।

