
देहरादून:(जीशान मलिक) मानव तस्करी जैसे संगठित और गंभीर अपराध पर लगाम लगाने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने एक बड़ी पहल की है। पंतनगर स्थित गांधी हॉल ऑडिटोरियम में शुक्रवार को राज्य स्तरीय मानव तस्करी सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तराखंड समेत 6 राज्यों के 134 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।गृह मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों पर आयोजित इस सम्मेलन में उत्तराखंड के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, अभियोजन अधिकारी, श्रम विभाग, बाल कल्याण समिति और कई बड़े NGO के प्रतिनिधि शामिल हुए।सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) वी. मुरुगेशन ने कहा कि “मानव तस्करी सिर्फ पुलिस का विषय नहीं है। इससे निपटने के लिए सभी विभागों के बीच मजबूत समन्वय जरूरी है। हमें सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ानी होगी और पीड़ितों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान देना होगा।”


“सम्मेलन की मुख्य बातें:

1. हरिद्वार पुलिस की केस स्टडी बनी मिसाल:सम्मेलन में जनपद हरिद्वार पुलिस ने दो महत्वपूर्ण केस स्टडी पेश कीं। एक मामले में 13 साल की अपहृत बच्ची को बिहार से सकुशल बरामद कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, तो दूसरे मामले में 4 माह के अपहृत शिशु को सुरक्षित बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि इन मामलों में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अंतरराज्यीय समन्वय ने अहम भूमिका निभाई।
2. विशेषज्ञों ने दिए अहम सुझाव: सम्मेलन में सेवानिवृत्त DG NDRF और TISS विशेषज्ञ पी.एम. नायर, शक्ति वाहिनी के संस्थापक रविकांत, मदद फाउंडेशन के राजेश मणि समेत कई विशेषज्ञों ने आधुनिक विवेचना, साक्ष्य आधारित जांच और पीड़ितों के संरक्षण पर जोर दिया।
3. 11 पुलिसकर्मी सम्मानित:सम्मेलन के समापन पर मानव तस्करी के खिलाफ उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस सम्मेलन में IG प्रशिक्षण अनंत शंकर ताकवाले, IG कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, DIG धीरेंद्र गुंज्याल और SSP उधमसिंहनगर अजय गणपति समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

