
हरिद्वार:(जीशान मलिक) जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता की अध्यक्षता में हुई जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित 51 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज की गईं। इनमें से 26 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के लिए भेजा गया।


जनसुनवाई के दौरान राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल और राशन कार्ड समेत कई समस्याएं सामने आईं। औरंगाबाद के ग्रामीणों ने अत्यधिक बारिश से किसानों की भूमि, ग्राम समाज की जमीन और श्मशान घाट में हुए कटाव की समस्या उठाते हुए पिचिंग कराने की मांग की। वहीं देवभूमि पूर्व सैनिक कल्याण समिति ने शहीद स्मारक एवं मिलन केंद्र के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग रखी।लालवाला खालसा निवासी अरविंद कुमार ने मीटर रीडिंग के अनुसार बिजली बिल जारी नहीं होने की शिकायत की। टिकोला बाणगंगा निवासी ज्ञानवती ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ दिलाने की मांग की। नज़बन ने सात माह से लंबित विरासत दर्ज कराने तथा आन्नेकी हेतमपुर निवासी रमेश चंद्र चौहान ने चकरोड एवं सेक्टर रोड से अतिक्रमण हटाने की मांग की।कांगड़ी क्षेत्र में बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़क और जलभराव की समस्या भी जनसुनवाई में उठी। रसूलपुर-मीठीबेरी और लालढांग के ग्रामीणों ने झूला पुल निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, विद्युत आपूर्ति सुचारु करने और पेयजल समस्या के समाधान की मांग रखी।

अपर जिलाधिकारी वैभव गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का शीघ्र, समयबद्ध और संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता है, उनमें संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से मौके पर जाकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें।बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। समीक्षा में एल-1 स्तर पर 436 और एल-2 स्तर पर 112 शिकायतें,कुल 548 शिकायतें लंबित पाई गईं। अधिकारियों को इनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, डीपीआरओ मुस्तफा खां, लोनिवि के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार, सहायक निदेशक मत्स्य गरिमा मिश्रा, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, एआरटीओ नेहा झा, वन विभाग की एसडीओ पूनम कैंथोला, यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता दीपक सैनी, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अभिषेक कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

