
पिरान कलियर:(जीशान मलिक) ऑपरेशन प्रहार के तहत चेकिंग कर रही कलियर पुलिस की सतर्कता और संवेदनशीलता से एक माह से घर से लापता मूक-बधिर बालिका गलत हाथों में जाने से बच गई। पुलिस ने बालिका को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया तो परिजनों की आंखें भर आईं और उन्होंने पुलिस को दिल से दुआएं दीं।जानकारी के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर चल रहे सत्यापन अभियान के तहत 15 अक्टूबर को कलियर पुलिस होटल-ढाबों और रैन बसेरा की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान रैन बसेरे में एक बालिका संदिग्ध अवस्था में घूमती मिली। पूछताछ में वह कुछ बता नहीं पाई, बोलने में असमर्थ थी।
मानवता का परिचय देते हुए पुलिस टीम ने तत्काल उसे संरक्षण में लेकर चाइल्ड हेल्प लाइन की मदद से वन स्टॉप सेंटर भिजवाया और उसकी पहचान के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया।पुलिस के प्रयास रंग लाए और 21 अक्टूबर को मेरठ से परिजन थाने पहुंचे, जिन्होंने बालिका की पहचान अपनी गुमशुदा बेटी के रूप में की। परिजनों ने बताया कि बालिका एक माह से घर से लापता थी। इसके बाद 22 अक्टूबर को जिला बाल कल्याण समिति (CWC) के माध्यम से बालिका को सकुशल परिजनों को सौंप दिया गया।कलियर पुलिस की इस त्वरित और मानवीय कार्यवाही की क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है। यदि पुलिस समय पर न पहुंचती तो बालिका किसी बड़ी अनहोनी का शिकार हो सकती थी।
पुलिस टीम में शामिल प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी, म.कानि. सरिता राणा, हे.कानि. जयप्रकाश।

