
हरिद्वार:(जीशान मलिक)चेक बाउंस के एक मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय, हरिद्वार की अदालत ने हिमालयन अरोमा इंडस्ट्रीज और उसकी संचालिका कुमकुम मित्तल को दोषी ठहराया है। न्यायालय ने कुमकुम मित्तल को छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाने के साथ परिवादी को 4,21,000 रुपये प्रतिकर के रूप में देने का आदेश दिया है। वहीं, दूसरे आरोपी मनीष मित्तल को दोषमुक्त कर दिया गया।
मामले के अनुसार, मंगल शक्ति इंटरनेशनल की प्रोपराइटर प्रभा निरौला ने न्यायालय में परिवाद दायर किया था। दोनों पक्षों के बीच अगरबत्ती निर्माण के लिए कच्चे माल की खरीद-फरोख्त को लेकर व्यावसायिक लेन-देन हुआ था। परिवादी का आरोप था कि बकाया भुगतान के लिए दिया गया 3,21,000 रुपये का चेक बैंक में प्रस्तुत करने पर खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गया। विधिक नोटिस भेजने के बावजूद भुगतान नहीं किए जाने पर न्यायालय में मामला दायर किया गया।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दोनों पक्षों के मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण किया। इसके बाद हिमालयन अरोमा इंडस्ट्रीज और उसकी संचालिका को परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 सहपठित धारा 141 के तहत दोषी ठहराया गया, जबकि मनीष मित्तल को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।
न्यायालय ने प्रतिकर राशि निर्णय की तिथि से एक माह के भीतर जमा करने का आदेश दिया है। मामले में परिवादी की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार भारद्वाज ने पैरवी की। न्यायालय ने 22 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाया।

