
मुरादाबाद:(जीशान मलिक) गांव चांदपुर के ईदगाह मैदान में जामिया मक्किया व खानकाहे कादरिया राहे सुलूक की ओर से सालाना जश्ने गौसुल आजम कॉन्फ्रेंस व जश्ने दस्तारबंदी का आयोजन किया गया। कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय ‘हमारा मकसद खल्क की खिदमत, खालिक की इबादत’ रहा।इस आयोजित कार्यक्रम का आगाज कुरआन पाक की तिलावत से हुआ, जिसके बाद नबी-ए-करीम की शान में नात शरीफ पेश की गई। इस मौके पर हजरत गौस-उल-आजम की जिंदगी, शिक्षा, समाज सुधार और भाईचारे को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।


समारोह में देश-विदेश से आए उलेमा, स्कॉलर और जायरीन शामिल हुए। अपने बयान में हजरत अल्लामा सैयद अमीनुल कादरी ने हजरत सैयदना शेख अब्दुल कादिर जिलानी के जीवन, शिक्षाओं और सुधारवादी विचारों पर रोशनी डाली। वक्ताओं ने कहा कि अल्लाह वालों की शिक्षाओं को अमल में लाना, धार्मिक मूल्यों की रक्षा और समाज में प्यार, भाईचारा व इंसानियत की सेवा आज की अहम जरूरत है।इस दौरान जामिया मक्किया के छात्रों की दस्तारबंदी कर हुजूर मन्नानी मियां बरेलवी ने सम्मानित किया। कॉन्फ्रेंस की सरपरस्ती बड़े हुजूर जहीरुल कादरी ने और सदारत अल्लामा ताहिर हुसैन मिस्बाही ने की।

इस मौके पर हाफिज शफीक अहमद, मौलाना कासिम मिस्बाही, मौलाना रौशन जमीर, कारी रईस अहमद कादरी, मुर्शीद कादरी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

