Breaking
12 Sep 2026, Sat

स्वर्ण अक्षर-2026 में सजी साहित्य और संस्कृति की महफिल, रंगारंग प्रस्तुतियों ने मोहा मन

हरिद्वार:(चीफ एडिटर)दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर में आयोजित तीन दिवसीय ‘स्वर्ण अक्षर-2026’ स्वर्ण जयंती साहित्य महोत्सव के दूसरे दिन साहित्य, कला, संस्कृति और रचनात्मकता का भव्य संगम देखने को मिला। जूनियर एवं मिडिल विंग के विद्यार्थियों ने पुस्तक प्रदर्शनी, साहित्यिक भ्रमण, कहानी-अभिनय और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर शाम तक बांधे रखा।महोत्सव के दूसरे दिन मिडिल विंग के 39 सेक्शनों द्वारा प्रस्तुत साहित्यिक भ्रमण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विद्यार्थियों ने सुधा मूर्ति, रस्किन बॉन्ड, लुईस कैरोल, रोआल्ड डाहल, भारतेंदु हरिश्चंद्र, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, विलियम शेक्सपियर, मुंशी प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद और जगदीश चंद्र माथुर जैसे महान साहित्यकारों तथा उनकी कालजयी रचनाओं को प्रभावशाली ढंग से मंच पर जीवंत किया।

सांध्य समारोह में विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्यों, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों तथा पूर्व शिक्षकों सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों की मौजूदगी ने विद्यालय की पांच दशक लंबी गौरवशाली यात्रा और उसके साहित्यिक-सांस्कृतिक योगदान की स्मृतियों को और भी विशेष बना दिया।विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए डीपीएस रानीपुर की पांच दशक की यात्रा, उपलब्धियों तथा साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में विद्यालय के योगदान पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विद्यालय की स्वर्णिम यात्रा को दर्शाती स्वर्ण जयंती वीडियो तथा विद्यार्थियों, अभिभावकों और लेखकों की रचनाओं से सुसज्जित डिजिटल पुस्तक द गोल्डन क्विल का लोकार्पण किया गया।सांस्कृतिक संध्या में ‘मणिकर्णिका से रानी लक्ष्मीबाई’ की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों में उत्साह भर दिया। वरिष्ठ विद्यार्थियों ने संस्कृत नाटक ‘अष्टावक्र’ का प्रभावशाली मंचन किया। वहीं प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीत कलाकार मेहताब अली नियाजी, एस. आकाश एवं खुर्रम अली नियाजी ने बाँसुरी, सितार और तबले की शास्त्रीय युगलबंदी से ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार मंत्रमुग्ध हो उठा। छोटे बच्चों की देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति वीर गाथा’ ने भी दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।

प्रसिद्ध प्रेरक वक्ता पद्मजीत सहरावत की प्रेरणादायी टॉकशाला’ ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प की भावना को मजबूत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का साहस और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ सामना करने के लिए प्रेरित किया।प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने आयोजन की सफलता में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, अभिभावकों और प्रेस प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि साहित्य एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी की रचनात्मक ऊर्जा से जोड़ना विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों की सृजनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।देर शाम तक चले समारोह में विद्यालय परिसर में मौजूद दर्शकों के साथ-साथ लाइव प्रसारण के माध्यम से भी बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम से जुड़कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। स्वर्णिम वर्ष के प्रथम आयोजन ‘स्वर्ण अक्षर’ का तीन दिवसीय यह साहित्यिक-सांस्कृतिक अध्याय अगले दिन संपन्न होगा, जबकि इसकी रचनात्मक और साहित्यिक गतिविधियों का प्रवाह पूरे वर्ष जारी रहेगा।

By zeeshan

Zeeshan डिजिटल मीडिया से जुड़े युवा पत्रकार हैं। वे Bhagwasanatantimes.com के साथ कार्यरत हैं और राजनीति, समाज, धर्म और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि है, और वे निष्पक्ष और तथ्यात्मक खबरों के लिए जाने जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *