हरिद्वार:(जीशान मलिक) कांवड़ मेला-2026 के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन के बाद प्रेमनगर आश्रम में पुलिस प्रशासन की ओर से भव्य बड़ा खाना” एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में मुख्यालय स्तर के पुलिस अधिकारियों के साथ ही पैरामिलिट्री फोर्स के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए कार्यक्रम में कांवड़ मेले के दौरान दिन-रात ड्यूटी कर मेले को सफल बनाने वाले पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, ट्रैफिक वालंटियर्स एवं एसपीओ के योगदान को सराहा गया।कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह ने मुख्य अतिथि एडीजी कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन, आईजी एसटीएफ निलेश आनंद भरणे,आईजी कुंभ योगेंद्र सिंह रावत, आईजी रेंज राजीव स्वरूप, डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर,धीरेंद्र गुंज्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों एवं अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
इस दौरान एसएसपी नवनीत सिंह ने कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं एवं सुरक्षा इंतजामों से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में मेले के दौरान यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण तथा अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का विवरण रखा गया। पुलिस की उपलब्धियों और मेहनत का जिक्र होते ही समारोह में तालियों की गूंज सुनाई दी।समारोह के दौरान कांवड़ मेले को सफल बनाने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, ट्रैफिक वालंटियर्स एवं एसपीओ को सम्मानित किया गया।अधिकारियों ने कहा कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन को सकुशल संपन्न कराने में प्रत्येक पुलिसकर्मी और सहयोगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वहीं, पहली बार विभागीय जिम्मेदारी संभाल रहे ट्रेनी रिक्रूट्स द्वारा कांवड़ मेले के दौरान किए गए उत्कृष्ट कार्य की भी अधिकारियों ने सराहना की। उनकी ड्यूटी, अनुशासन और जिम्मेदारी निभाने के तरीके को लेकर कार्यक्रम में विशेष रूप से प्रशंसा की गई।मुख्य अतिथि एडीजी कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने कांवड़ मेला-2026 के सफल आयोजन के लिए पूरी पुलिस फोर्स को बधाई दी। उन्होंने पुलिसकर्मियों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए तीन दिवस के पारितोषिक अवकाश की घोषणा की।
समारोह के अंत में अधिकारियों, पुलिसकर्मियों एवं अन्य अतिथियों ने एक साथ बैठकर भोजन किया। इस दौरान कांवड़ मेले की सफलता के अनुभव भी साझा किए गए। कार्यक्रम ने ड्यूटी के दौरान किए गए कठिन परिश्रम के बाद पुलिसकर्मियों के उत्साह और मनोबल को बढ़ाने का काम किया।
