हरिद्वार:(चीफ एडिटर)हरिद्वार के एक पुराने और चर्चित अवैध गैस रिफिलिंग मामले में आखिरकार 16 साल 6 महीने बाद बड़ा फैसला सामने आया। जिस आरोपी पर कभी पुलिस ने छापेमारी कर कई गैस सिलेंडर और रिफिलिंग उपकरण बरामद करने का दावा किया था, वही आरोपी अब अदालत से पूरी तरह दोषमुक्त हो गया है।
मामला साल 2009 का है। कोतवाली रानीपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक दुकान पर अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का काम किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस, सप्लाई इंस्पेक्टर और खाद्य अधिकारी की टीम ने दुकान पर छापा मारा। पुलिस का दावा था कि मौके से छोटे-बड़े गैस सिलेंडर और गैस भरने के उपकरण बरामद हुए। इसके बाद आरोपी सुभाष उर्फ काकू निवासी मुज़फ़्फ़रनगर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
मामला अदालत पहुंचा और फिर शुरू हुआ लंबा कानूनी संघर्ष। एक-दो नहीं बल्कि पूरे 16.5 साल तक यह केस चलता रहा। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने कई गवाह और साक्ष्य पेश किए, लेकिन बचाव पक्ष लगातार यह दावा करता रहा कि आरोपी को साजिश के तहत झूठा फंसाया गया है।
आरोपी की ओर से अधिवक्ता नीरज कुमार पाल ने अदालत में जोरदार पैरवी की। बचाव पक्ष ने पुलिस कार्रवाई और साक्ष्यों पर कई सवाल खड़े किए। अदालत में दी गई महत्वपूर्ण दलीलों ने पूरे मामले की दिशा बदल दी।
आखिरकार अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। इसी आधार पर आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया।
फैसले के बाद आरोपी सुभाष उर्फ काकू ने कहा कि वह शुरू से खुद को निर्दोष बता रहा था और उसे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। उसने कहा कि “सच की आखिरकार जीत हुई।”

