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21 Jun 2026, Sun

हरिद्वार में विहिप के केन्द्रीय संत मार्गदर्शक मण्डल की बैठक शुरू, राष्ट्र-धर्म-संस्कृति पर हुआ ऐतिहासिक मंथन

हरिद्वार:(चीफ एडिटर)हरिद्वार के निष्काम सेवा ट्रस्ट, भूपतवाला में विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय संत मार्गदर्शक मण्डल उपवेशन की दो दिवसीय बैठक बुधवार को आध्यात्मिक गरिमा और राष्ट्रीय चेतना के माहौल में शुरू हुई। देशभर के विभिन्न पीठों, अखाड़ों, सम्प्रदायों और आध्यात्मिक परम्पराओं के शीर्षस्थ संत-महात्माओं एवं धर्माचार्यों की मौजूदगी में यह बैठक राष्ट्र, धर्म, संस्कृति और मानवता के कल्याण पर केंद्रित रही।बैठक में हिन्दू समाज के संगठन, सनातन संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन, गौसंरक्षण, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, सेवा कार्यों के विस्तार, सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, युवा जागरण, धर्मांतरण की चुनौतियों, राष्ट्रीय एकात्मता और वैश्विक स्तर पर भारतीय आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

संत समाज ने वर्तमान हालात का गंभीर विश्लेषण करते हुए समाज को जागरूक, संगठित और संस्कारित बनाने के लिए व्यापक जनजागरण को समय की मांग बताया। संतों ने कहा कि भारत की आत्मा उसकी सनातन संस्कृति में बसती है। धर्म, सेवा, संस्कार और समरसता के आधार पर ही राष्ट्र का वास्तविक उत्थान संभव है।धर्माचार्यों ने अपने उद्बोधन में कहा कि सनातन धर्म केवल एक धार्मिक परम्परा नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता को शांति, सद्भाव, करुणा, सह-अस्तित्व और विश्वबंधुत्व का संदेश देने वाली जीवन-पद्धति है। इसके संरक्षण और विश्वव्यापी प्रसार के लिए समाज के हर वर्ग को जिम्मेदारी से काम करना होगा।

संत समाज ने विहिप द्वारा सेवा, संगठन और संस्कार के जरिए चलाए जा रहे कार्यों की सराहना की। कहा गया कि संत शक्ति और सामाजिक संगठनों के मिले-जुले प्रयास ही राष्ट्रनिर्माण, लोकमंगल और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आधार बन सकते हैं। सभी संत-महात्माओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि धर्म, संस्कृति, समाज और राष्ट्रहित के लिए संयुक्त रूप से काम करते हुए भारत को फिर से विश्व के आध्यात्मिक नेतृत्व के शिखर पर पहुंचाया जाएगा।

बैठक में जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि महाराज, महानिर्वाणी पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी विशोकानन्द भारती महाराज, ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती महाराज, अटल पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी विश्वात्मानन्द महाराज, युगपुरुष स्वामी परमानन्द महाराज, निर्मल पीठाधीश्वर स्वामी ज्ञानदेव सिंह महाराज, पूज्या साध्वी ऋतंभरा,युधिष्ठिर महाराज शदाणी दरबार, महाराष्ट्र से स्वामी जितेन्द्रनाथ महाराज, शांतिकुञ्ज प्रमुख डॉ. चिन्मय पण्ड्या, साध्वी पूर्णप्रज्ञा, गुजरात कर्णावती के देवलाचार्य-अविचलाचार्य महाराज, अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती महाराज, मुम्बई से डॉ. भदन्त राहुल बोधि, महामण्डलेश्वर संतोषी माता, गोवा के पद्मनाभ पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मेशानन्द महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानन्द महाराज समेत अनेक प्रतिष्ठित संत-धर्माचार्य शामिल हुए।

विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश, अंतरराष्ट्रीय महामंत्री संगठन मिलिंद परांडे, अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग बागड़ा, राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक तिवारी, क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश विनायक, प्रांत संगठन मंत्री अजय कुमार, क्षेत्र संयोजक बजरंग दल अनुज वालिया, बलराम कपूर, सौरभ चौहान सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।

By zeeshan

Zeeshan डिजिटल मीडिया से जुड़े युवा पत्रकार हैं। वे Bhagwasanatantimes.com के साथ कार्यरत हैं और राजनीति, समाज, धर्म और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि है, और वे निष्पक्ष और तथ्यात्मक खबरों के लिए जाने जाते हैं।

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