Breaking
29 Jul 2026, Wed

हजरत इमाम अबू सालेह का सालाना उर्स संपन्न, 7 मोहर्रम को हुआ कुल शरीफ

पिरान कलियर:(जीशान मलिक)दरगाह साबिर पाक के आस्ताने से जुड़ी खानकाह हजरत इमाम अबू सालेह मोहम्मद इमाम साहब रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स मुबारक मोहर्रम का चांद दिखाई देने के साथ शुरू हुआ था, जो 7 मोहर्रम को कुल शरीफ की रस्म के साथ संपन्न हो गया। उर्स की तमाम रस्में सज्जादानशीन हजरत शाह अली मंज़र ऐजाज़ कुद्दुसी साबरी की सरपरस्ती में अदा की गईं।

“उर्स की अहम रस्में”

1. चांद रात:मोहर्रम का चांद नजर आते ही मेहंदी डोरी की रस्म अदा की गई। इसके बाद खत्म शरीफ हुआ।

2. 6 मोहर्रम की रात: खानकाह परिसर में खत्म शरीफ और महफ़िल-ए-समा का आयोजन किया गया। देर रात तक अकीदतमंदों ने सूफियाना कलाम, कव्वाली और मनकबत सुनी।

3. 7 मोहर्रम की सुबह: गुसल शरीफ की रस्म अदा की गई। इसके बाद कुल की रस्म और दुआ-ए-खैर हुई। मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और उम्मत की तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी गई।

इस मौके पर सज्जादानशीन शाह अली मंज़र ऐजाज़ कुद्दुसी साबरी ने कहा कि हजरत इमाम अबू सालेह की तालीमात इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारे की है। उन्होंने सभी जायरीन से मोहर्रम के महीने का एहतराम करने, गरीबों-यतीमों की मदद करने और आपसी इत्तेहाद कायम रखने की अपील की।

उर्स के मौके पर साहिबजादा शाह यावर मियाँ, शाह यासिर मियाँ, नोमी मियाँ, शाह खालिक मियाँ, सुहेल मियाँ, उबेद फ़रीदी, असद मियाँ, शाह ग़ाज़ी, मुनव्वर अली साबरी, अब्दुल रहमान साबरी, शानू ख़ान समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद, खानकाह से जुड़े मुरीदीन और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

By zeeshan

Zeeshan डिजिटल मीडिया से जुड़े युवा पत्रकार हैं। वे Bhagwasanatantimes.com के साथ कार्यरत हैं और राजनीति, समाज, धर्म और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि है, और वे निष्पक्ष और तथ्यात्मक खबरों के लिए जाने जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *