
विद्यालय के टॉपर्स ने बढ़ाया गौरव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
ऋषिकेश,मनन ढींगरा


पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, आईडीपीएल वीरभद्र ऋषिकेश में शैक्षिक सत्र 2024-25 के अंतिम दिन “यादगार पल” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय का वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया, जिसमें पूर्व छात्र-छात्राओं और सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी आमंत्रित किया गया था।

विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव लोचन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह विद्यालय के लिए सौभाग्य की बात है कि वे शिक्षक, जिन्होंने इस संस्थान को अपने समर्पण और परिश्रम से संवारने में योगदान दिया, आज इस गौरवशाली क्षण के साक्षी बने। साथ ही, वे छात्र जो विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के ऊँचे मुकाम पर पहुँच चुके हैं, उन्होंने भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
शानदार परीक्षा परिणाम
विद्यालय का परीक्षा परिणाम इस वर्ष उत्कृष्ट रहा—
•कक्षा 11: 96% (टॉपर: राधिका)
•कक्षा 9: 99% (टॉपर: रविंद्र पुंडीर)
•कक्षा 8: 98% (टॉपर: वंशिका पाल)
•कक्षा 7: 100% (टॉपर: सबिता)
•कक्षा 6: 100% (टॉपर: राधिका भट्ट)
अनुशासन ही सफलता की कुंजी
डॉ. हरिओम प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि अनुशासन ही व्यक्ति को उच्च शिखर तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त करता है। यदि कोई व्यक्ति लगन, निष्ठा और अनुशासन के साथ अपने कार्यों को करता है, तो सफलता स्वतः उसके कदम चूमती है।
पूर्व छात्रों और शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिष्ठित पदों पर कार्यरत पूर्व छात्र और शिक्षकों ने भी भाग लिया, जिनमें प्रमुख नाम रहे—
डॉ. हरिओम प्रसाद, अरुण प्रसाद, कमलेश बाबू, सतेंद्र कुमार, धर्मेंद्र त्यागी, सीमा मिश्रा, पूनम शर्मा, सुशील मैठाणी, ओम प्रकाश गुप्ता, अपर्णा सिंह, विकास जोशी, मीडिया प्रभारी मनोज कुमार गुप्ता, और मोनिका रौतेला।
इसके अलावा, सेवानिवृत्त शिक्षकों में बृजभूषण शर्मा, गौरीशंकर, सरोजिनी श्रीवास्तव, विभाग कपूर, अंजू रस्तोगी तथा 1976 बैच के नरेश कुमार गोयल भी उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं और योग मुद्राओं का प्रदर्शन भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राजीव लोचन सिंह ने की, जबकि संचालन नरेंद्र सिंह रावत और मनोज कुमार गुप्ता द्वारा किया गया।
विद्यालय में यह आयोजन सभी के लिए यादगार बन गया, जहाँ अतीत और वर्तमान एक साथ मिलकर शिक्षा के महत्व को दर्शाने में सफल रहे।

