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18 Sep 2026, Fri

मनरेगा घोटाले की परतें खुलने लगीं: दो अधिकारी निलंबित, लेकिन असली कहानी अभी बाकी है!

मनरेगा घोटाले की परतें खुलने लगीं: दो अधिकारी निलंबित, लेकिन असली कहानी अभी बाकी है!

हरिद्वार,भगवा सनातन टाइम्स

हरिद्वार जिले में मनरेगा योजना के अंतर्गत हुए कथित घोटाले की गूंज अब जोर पकड़ रही है। जिला विकास अधिकारी ने ग्राम गढ़ और आन्नेकी पंचायतों की प्रारंभिक जांच के बाद दो ग्राम विकास अधिकारियों — रविन्द्र सैनी और प्रमोद सैनी — को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है: क्या यह कार्रवाई सिर्फ “शुरुआत” है?

 

जांच में क्या-क्या सामने आया?

सूत्रों के अनुसार, विकास खंड बहादराबाद की इन पंचायतों में मनरेगा के नाम पर कागज़ों में ही काम दिखाकर लाखों की फर्जी भुगतान किए गए। निर्माण सामग्री से लेकर श्रमिकों की उपस्थिति तक सबकुछ संदेह के घेरे में है।

लेकिन असली दोषी कौन?

हालांकि कार्रवाई दो अधिकारियों पर हुई है, पर ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और अन्य स्थानीय प्रभावशाली लोग इस पूरे षड्यंत्र के “मुख्य सूत्रधार” हैं। अब तक इन पर कोई स्पष्ट कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह प्रशासन की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

प्रशासन का सख्त संदेश

मुख्य विकास अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि “यदि आगे भी किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो अन्य ग्राम विकास अधिकारियों पर भी कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।” साथ ही यह भी दावा किया गया कि भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर प्रशासन कायम है।

अब आगे क्या?

ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों की निगाहें अब इस पर टिकी हैं कि –

  • ग्राम प्रधान जैसे उच्च पदों पर बैठे लोगों पर कार्रवाई कब होगी?
  • क्या ये निलंबन सिर्फ एक ‘शिकार दिखाने’ की रणनीति है या वास्तव में प्रशासन गंभीर है?

➡️ अगली कड़ी में क्या सामने आएगा? क्या इस मामले में कुछ और बड़े नाम उजागर होंगे? या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

👉 बने रहिए हमारे साथ, हम इस घोटाले की हर परत खोलेंगे।

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