Breaking
17 Sep 2026, Thu

बंदरों के बढ़ते खतरे पर प्रशासन को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

“क्या बंदरों की बस्ती बन जाएगा अल्मोड़ा?”

अल्मोड़ा,भगवा सनातन टाइम्स

पहाड़ों की शांत वादियों में कुछ अनकहा-सा हलचल मचा रहा है। यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि एक ऐसा संकट है जो घरों की छतों, मंदिरों की सीढ़ियों और स्कूल जाते बच्चों के रास्तों पर पांव पसार चुका है – बंदरों का आतंक।

सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने इस विषय को लेकर प्रभारी जिलाधिकारी मुख्य विकास अधिकारी देवेश शासनी से मुलाकात की, और एक ऐसा ज्ञापन सौंपा जिसने पूरे प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। साथ में थे रामशिला वार्ड के पार्षद नवीन चंद आर्य (बबलू) – दोनों की आंखों में चिंता थी, लेकिन आवाज़ में आक्रोश।

संजय पाण्डे ने सवाल दागा –“क्या अल्मोड़ा अब सिर्फ एक शहर है, या एक जैविक प्रयोगशाला बना दिया गया है? क्या जानबूझकर इन बंदरों को ट्रकों में भरकर हमारे बीच छोड़ा जा रहा है?”

उन्होंने चेतावनी के लहज़े में कहा –“यह कोई सामान्य घटना नहीं, यह सुनियोजित जैविक अतिक्रमण है। और यदि अब भी प्रशासन नहीं जागा, तो अगला हादसा किसी मासूम की जान लेकर ही रुकेगा।”प्रशासन को दी 7 दिनों की चेतावनी –संजय पाण्डे ने पाँच ठोस माँगें रखीं और स्पष्ट कहा कि यदि सात कार्यदिवस के भीतर कार्यवाही नहीं हुई, तो यह मामला सीधे राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग के सामने ले जाया जाएगा।

मुख्य मांगें इस प्रकार है :

1.एक विशेष जांच समिति का गठन

2.नगर निगम, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त पकड़ अभियान

3.सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी चौकियां

4.वन विभाग की नियमित प्रगति रिपोर्ट

5.पूर्व शिकायतों की पुनः समीक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई

पार्षद नवीन चंद आर्य भी बोले – “यह शहर अब सहन नहीं कर सकता”

“यह किसी एक मोहल्ले की बात नहीं। हर गली, हर छत पर डर बैठा है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो हालात काबू से बाहर हो जाएंगे।”

अल्मोड़ा के शांत पहाड़ अब करवट ले रहे हैं।सवाल ये नहीं कि बंदर कहां से आए – सवाल ये है कि अगर आज नहीं रोका गया, तो कल अल्मोड़ा में इंसान ढूंढना मुश्किल हो जाएगा।

यह सिर्फ एक ज्ञापन नहीं – यह एक चेतावनी है। और चेतावनियाँ अगर अनसुनी रह जाएं, तो तबाही दस्तक देती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *