रुड़की (ज़ीशान मलिक): राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण कमेटी, रुड़की के तत्वावधान में एक सराहनीय सामाजिक पहल की शुरुआत की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग हेतु ‘बुक बैंक’ योजना चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंद छात्रों को निःशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराना है।
इस योजना के तहत समाज के सभी वर्गों से अपील की गई है कि वे इस नेक कार्य में भाग लें और पुरानी, उपयोगी किताबें दान करके जरूरतमंद छात्रों की मदद करें। कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि यह पहल शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ संसाधनों के पुनः उपयोग को भी प्रोत्साहित करेगी।
कमेटी ने लोगों से आग्रह किया –
“बढ़ाइए अपना हाथ, सहयोग करें बुक बैंक का”,
ताकि अधिक से अधिक छात्र इस योजना का लाभ उठाकर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकें।
बुक बैंक से जुड़ने या पुस्तक दान करने के इच्छुक लोग कमेटी के स्थानीय कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
कार्यालय स्तिथ:निकट इण्डियन गैस ऐजेंसी रहमतपुर रोड़ पिरान कलियर-9870687008,8958319786
एनसीईबी स्किल डेवलपमेंट कंप्यूटर इंस्टिट्यूट बना योगदान का केंद्र!
एनसीईबी स्किल डेवलपमेंट कंप्यूटर इंस्टिट्यूट के ऑनर जावेद अंसारी ने बताया कि उन्होंने अपने साथियों के सहयोग से इस पहल की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में स्कूल और कॉलेज की किताबें खरीद पाना हर छात्र के लिए संभव नहीं है, जिससे कई बच्चों की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है।
इस पहल के तहत एनसीईबी स्किल डेवलपमेंट कंप्यूटर इंस्टिट्यूट को पुस्तक दान और वितरण केंद्र बनाया गया है, जहां कोई भी व्यक्ति अपनी पुरानी किताबें दान कर सकता है या जरूरतमंद छात्र निःशुल्क पुस्तकें प्राप्त कर सकते हैं।
यह अभियान उन छात्रों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं।

