पिरान कलियर:(जीशान मलिक)विश्व विख्यात सूफी संत हजरत अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक कलियरी रहमतुल्लाह अलैह का 758वां सालाना उर्स मुबारक आगामी 13 अगस्त 2026 से पिरान कलियर स्थित दरगाह शरीफ पर बड़े ही अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जाएगा। 19 दिनों तक चलने वाले इस रूहानी आयोजन का समापन 31 अगस्त को कुल शरीफ की मुख्य रस्म के साथ होगा। उर्स को लेकर दरगाह प्रबंधन, सज्जादा नशीन कार्यालय और जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
दरगाह साबिर पाक के सज्जादा नशीन शाह अली ऐजाज कुद्दूसी साबरी अल नौमानी की सरपरस्ती में उर्स की तमाम रस्में अदा की जाएंगी। दरगाह कार्यालय से जारी शेड्यूल के मुताबिक उर्स की शुरुआत 13 अगस्त, गुरुवार को बाद नमाज असर परचम कुशाई की रस्म से होगी। परचम कुशाई के साथ ही दरगाह शरीफ में उर्स का माहौल बनना शुरू हो जाएगा।
14 अगस्त, शुक्रवार को रबीउल अव्वल का चांद दिखाई देने पर मेहंदी डोरी की रस्म अदा की जाएगी। मेहंदी डोरी को उर्स का विधिवत आगाज माना जाता है। इसके बाद जायरीन का आना शुरू हो जाएगा। चांद न दिखने की स्थिति में तारीख एक दिन आगे बढ़ सकती है।
25 से 28 अगस्त: उर्स का मुख्य दौर”
– 25 अगस्त,11 रबीउल अव्वल:छोटी रोशनी। इस दिन दरगाह व मजार शरीफ पर खास रोशनी की जाएगी।
– 26 अगस्त, 12 रबीउल अव्वल: बड़ी रोशनी। यह उर्स की सबसे अहम रातों में से एक मानी जाती है। पूरी दरगाह दुल्हन की तरह सजाई जाती है।
– 27 अगस्त, 13 रबीउल अव्वल: कुल शरीफ। हजरत साबिर पाक का कुल शरीफ पढ़ा जाएगा।
– 28 अगस्त, 14 रबीउल अव्वल: गुस्ल शरीफ। मजार शरीफ को गुलाब जल, केवड़ा व इत्र से गुस्ल दिया जाएगा।
31 अगस्त को होगा समापन:
31 अगस्त, 17 रबीउल अव्वल को हजरत साबिर पाक के वालिद ए मोहतरम हजरत अब्दुर्रहीम अब्दुलसलाम का कुल शरीफ अदा किया जाएगा। इसी के साथ 758वें सालाना उर्स का समापन हो जाएगा। मान्यता है कि हजरत साबिर पाक के उर्स में शिरकत करने से मन्नतें पूरी होती हैं, इसलिए देश के कोने-कोने के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल व खाड़ी देशों से भी लाखों जायरीन यहां पहुंचते हैं।

