देहरादून/पौड़ी:(ज़ीशान मलिक) उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एक डॉक्टर दंपति ने अपनी तैनाती, स्थानांतरण नीति एवं सेवा संबंधी लाभों को लेकर शासन के समक्ष गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने महा निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को एक विस्तृत प्रत्यावेदन सौंपते हुए न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है।
डॉक्टर दंपति का कहना है कि उन्हें दुर्गम क्षेत्र में तैनाती के बावजूद मिलने वाले 50% अतिरिक्त वेतन (इंसेंटिव) से वंचित रखा गया है, जिससे उनके भविष्य के वेतन एवं अन्य लाभों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर तैनाती के कारण उत्पन्न मानसिक एवं पारिवारिक कठिनाइयों का भी उल्लेख किया है।
उन्होंने शासन से तीन विकल्पों में से किसी एक पर शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया है।
1. आर्थोपेडिक चिकित्सक को दुर्गम क्षेत्र पौड़ी में पत्नी के साथ तैनाती देकर सभी संबंधित लाभ प्रदान किए जाएं।
2. वर्तमान तैनाती को यथावत रखते हुए दुर्गम क्षेत्र में मिलने वाले समस्त वित्तीय लाभ दिए जाएं।
3. उनकी पत्नी का स्थानांतरण कोटद्वार में ईएनटी विशेषज्ञ के रिक्त पद पर कर दोनों को एक ही स्थान पर तैनात किया जाए।
डॉक्टर दंपति ने चेतावनी दी है कि यदि 30 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे।

