देहरादून:(जीशान मलिक) एक जागरूक नागरिक की CM हेल्पलाइन में की गई शिकायत से पूरे उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में बड़ा प्रशासनिक सुधार हुआ है। नैनीताल के भीमताल निवासी RTI एक्टिविस्ट चन्द्र शेखर जोशी की शिकायत के बाद विभाग ने कर्मचारियों के सेवा प्रकरणों में पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।चन्द्र शेखर जोशी ने CM हेल्पलाइन में बताया था कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी वेतन, अवकाश, स्थानांतरण जैसे मामलों में प्रत्यावेदन देते हैं, लेकिन उस पर हुई कार्यवाही की जानकारी उन्हें नहीं दी जाती। इससे कर्मचारी अपने ही केस की स्थिति से अनजान रहते हैं।शिकायत का परीक्षण कराने के बाद 2 मई 2026 को महानिदेशक स्वास्थ्य की अध्यक्षता में समिति की बैठक हुई। समिति ने माना कि जिन मामलों में गोपनीयता नहीं है, उनमें कर्मचारियों के प्रत्यावेदनों पर हुई कार्यवाही की प्रतिलिपि संबंधित कार्मिक को दी जाए।समिति की संस्तुति पर महानिदेशक कार्यालय ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षकों और नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश भेजे हैं। अब कर्मचारियों के आवेदन पर हुई कार्यवाही की कॉपी उन्हें भी मिलेगी।
विभाग का मानना है कि इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। कर्मचारियों को समय पर अपडेट मिलेगा और अनावश्यक RTI व शिकायतों में कमी आएगी।प्रशासनिक विशेषज्ञों के मुताबिक यह दिखाता है कि जन शिकायत तंत्र का सही इस्तेमाल हो तो एक नागरिक की पहल भी पूरे सिस्टम में सुधार ला सकती है। यह आदेश सुशासन और कर्मचारियों के अधिकारों की दिशा में बड़ा कदम है।

