हरिद्वार:(भगवा सनातन टाइम्स संवाददाता)चिन्मय डिग्री कॉलेज, भेल, रानीपुर में आज परम पूज्य गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद महाराज की पुण्यतिथि श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई।कार्यक्रम का शुभारंभ चिन्मय शैक्षिक समिति के सचिव आलोक शुक्ला और महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आलोक अग्रवाल द्वारा दीप प्रज्वलन एवं गुरुदेव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस दौरान स्वामी चिन्मयानंद जी के 108 पावन नामों का श्रवण-दर्शन वीडियो के माध्यम से कराया गया। तत्पश्चात सामूहिक आरती हुई, जिससे पूरा सभागार “हरि ॐ” के जयकारों से गूंज उठा।
कौन थे स्वामी चिन्मयानंद?
परम पूज्य स्वामी चिन्मयानंद महाराज का जन्म 8 मई 1916 को केरल के एर्नाकुलम में हुआ था। पूर्व नाम बालकृष्ण मेनन था। वे आधुनिक भारत के महान वेदांताचार्यों में से एक थे। वर्ष 1953 में चिन्मय मिशन की स्थापना कर उन्होंने वेदांत, गीता और उपनिषदों का संदेश सरल भाषा में जन-जन तक पहुंचाया। उनका जीवन भारतीय संस्कृति, राष्ट्र निर्माण और मानव सेवा को समर्पित रहा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मधु शर्मा, एस.एफ.एस. निदेशिका ने किया। अंत में सभी ने चिन्मय मिशन की प्रतिज्ञा का सामूहिक वाचन किया और गुरुदेव के आदर्शों को जीवन में अपनाकर समाज व राष्ट्र की निस्वार्थ सेवा का संकल्प लिया।
इस अवसर पर डॉ. आनंद शंकर सिंह, डॉ. पी. के. शर्मा, डॉ. मनीषा, डॉ. दीपिका, राकेश चतुर्वेदी, विक्रम सिंह नेगी, अभिनव ध्यानी सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

