
नई दिल्ली:(जीशान मलिक) भारत निर्वाचन आयोग ने शनिवार को हुई अहम बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर 5 बड़े फैसले लिए हैं। आयोग की बैठक आज दोपहर 3 बजे निर्वाचन सदन में हुई थी।प्रेस नोट के अनुसार आयोग ने तय किया है –


“1. BLO घर-घर जाकर दस्तावेज लेंगे: SIR के दौरान जिन लोगों को अनमैप्ड और लॉजिकल विसंगति के कारण नोटिस जारी किया गया है, उनके घर अब BLO खुद जाएंगे। दस्तावेज कलेक्ट कर ECINet पोर्टल पर अपलोड करेंगे, फैसला ERO करेंगे। ऐसे लोगों को ERO/AERO दफ्तर में सुनवाई के लिए नहीं बुलाया जाएगा। सिर्फ असाधारण परिस्थिति में ही सुनवाई होगी, वो भी ऑनलाइन। जरूरत पड़ने पर परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य उनकी तरफ से सुनवाई में शामिल हो सकता है।

“2. गरीब और बेघरों के लिए हेल्प डेस्क: DEOs (जिला निर्वाचन अधिकारी) नाइट शेल्टर, मजदूर, गरीब और बेघर लोगों के लिए पर्याप्त संख्या में हेल्प डेस्क और विशेष कैंप लगाएंगे।
“3. फॉर्म 6 पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर: SIR के लिए फॉर्म 6 के साथ लगी घोषणा को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। गैर-SIR अवधि के लिए मतदाता पंजीकरण नियम 1960 के अनुसार फॉर्म लागू रहेंगे।
“4. ECINET पोर्टल की समीक्षा होगी: फील्ड अधिकारियों को उनके वैधानिक अधिकारों के अनुसार ही ECINET सिस्टम का एक्सेस मिलेगा। सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर की अध्यक्षता में और IIT के स्वतंत्र विशेषज्ञ को शामिल कर एक कमेटी ECINET की समीक्षा करेगी कि वह कानूनों के अनुरूप है या नहीं।
“5. दिल्ली और महाराष्ट्र में तारीख बढ़ी:CEO दिल्ली के अनुरोध पर दावा-आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 तक और नोटिस निस्तारण की तिथि 30 नवंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। वहीं CEO महाराष्ट्र के अनुरोध पर दावा-आपत्ति की तारीख 12 अक्टूबर 2026 तक और निस्तारण की तारीख 10 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।

