पिरान कलियर:(जीशान मलिक) विश्व प्रसिद्ध दरगाह हज़रत साबिर पाक में पहली बार शीर माल को आधिकारिक रूप से ठेका प्रणाली में शामिल किया गया है। रुड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक राम चंद्र सेठ के मार्गदर्शन और दरगाह प्रबंधन की पहल पर वर्ष 2026-27 के लिए सोहन हलवा, हलवा पराठा और शीर माल का संयुक्त ठेका 72 लाख रुपये में आवंटित किया गया है।
दरगाह प्रबंधन ने इन खाद्य पदार्थों की बिक्री के लिए निर्धारित स्थान चिन्हित कर दिए हैं। नए आदेश के अनुसार अब बिना अनुमति के शीर माल बनाना और बेचना प्रतिबंधित रहेगा। शीर माल बेचने के इच्छुक दुकानदारों को ठेकेदार की अनुमति एवं निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
मैदे, दूध, देसी घी और ड्राई फ्रूट्स से तैयार होने वाला शीर माल अपने स्वाद और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। देशभर से आने वाले जायरीन इसे तबर्रुक के रूप में खरीदकर ले जाते हैं। इसकी बढ़ती लोकप्रियता और व्यावसायिक महत्व को देखते हुए दरगाह प्रबंधन ने इसे ठेका प्रणाली में शामिल करने का निर्णय लिया है।
दरगाह प्रबंधन ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह दरगाह हित, पारदर्शिता और राजस्व वृद्धि को ध्यान में रखकर लिया गया है। वहीं, वर्षों से बिना शुल्क के शीर माल बेचने वाले कुछ कारोबारियों ने नई व्यवस्था का विरोध किया है।

