हरिद्वार:(चीफ एडिटर)एसएमजेएन कॉलेज प्रो. बत्रा में नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ द्वारा 13 से 15 जुलाई तक तीन दिवसीय दीक्षारम्भ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्राचार्य ने कहा कि महाविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, समयबद्धता और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “दीक्षारम्भ आपके जीवन के स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत है। उद्देश्य केवल डिग्री लेना नहीं, बल्कि ज्ञान अर्जन और जिम्मेदार नागरिक बनना है।”
छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. संजय माहेश्वरी ने बताया कि नयी शिक्षा नीति 2020 के अनुसार:1 वर्ष बाद – सर्टिफिकेट 2 वर्ष बाद – डिप्लोमा।3 वर्ष बाद – डिग्री।4 वर्ष बाद – ऑनर्स डिग्री। 5 वर्ष बाद – स्नातकोत्तर डिग्री
डॉ. विनय थपलियाल ने जीवन कौशल, समय प्रबंधन, करियर और उद्यमिता पर बात की।डॉ. नलिनी जैन ने छात्रों को “गंगा की तरह निर्मल और अविरल” बनने का संदेश दिया।छात्रों को एंटी-रैगिंग, महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के बारे में जागरूक किया गया।महाविद्यालय की लाइब्रेरी, लैब, NSS, खेल और छात्र सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई
कार्यक्रम के अंत में डॉ. पूर्णिमा सुन्दरियाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. शिवकुमार चौहान, डॉ. मनोज सोही, डॉ. पल्लवी, वैभव बत्रा, डॉ. मोना शर्मा सहित अनेक शिक्षक व नवप्रवेशी छात्र उपस्थित रहे।महाविद्यालय परिवार ने विश्वास जताया कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा की प्रेरणादायी शुरुआत बनेगा।

