
भगवानपुर:(जीशान मलिक) बिहार के सिवान जिले से घरवालों को बिना बताए निकलीं दो नाबालिग बहनों को भगवानपुर पुलिस ने तलाश कर सकुशल उनके परिजनों से मिला दिया। दोनों बहनों के सकुशल मिलने की सूचना पर थाने पहुंचे परिजन भावुक हो उठे। बेटियों को सामने देखकर उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने भगवानपुर पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्रवाई के लिए पुलिस का आभार जताया।पुलिस के मुताबिक,7 सितंबर को कोतवाली भगवानपुर को सूचना मिली थी कि खेलपुर चौक पर दो नाबालिग लड़कियां काफी देर से खड़ी हैं।सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों लड़कियों को अपने संरक्षण में लेकर उनकी पहचान और वहां मौजूद होने के संबंध में जानकारी ली।महिला कांस्टेबल सोनम ने दोनों से पूछताछ की और पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की। दस्तावेजों में दोनों की उम्र करीब 15 वर्ष दर्ज पाई गई। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे बिहार से रात के समय हरिद्वार घूमने के लिए पहुंची थीं और घर से बिना बताए निकली थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस दोनों नाबालिगों को कोतवाली लेकर आई और उनके परिजनों से संपर्क साधा। परिजनों ने बताया कि दोनों बहनें 28 अगस्त से घर से लापता थीं।काफी तलाश करने के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। इस संबंध में परिजनों की ओर से बिहार के सिवान जिले के थाना बहादुरिया में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।भगवानपुर पुलिस ने थाना बहादुरिया के विवेचक से संपर्क कर दोनों बहनों के सकुशल मिलने की जानकारी दी। विवेचक ने भी दोनों के संबंध में दर्ज मुकदमे की पुष्टि की। इसके बाद 9 सितंबर को दोनों नाबालिगों के परिजन और जांच अधिकारी भगवानपुर थाने पहुंचे।
थाने में अपनी बेटियों को सकुशल देखकर परिजन भावुक हो गए। लंबे समय बाद बेटियों को सामने पाकर उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े। परिजनों ने भगवानपुर पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की समय पर की गई कार्रवाई से उनकी बेटियां सुरक्षित मिल सकीं।पुलिस की इस कार्रवाई से एक ओर जहां दोनों नाबालिग बहनों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाया गया, वहीं दूसरी ओर परेशान परिजनों को भी बड़ी राहत मिली। परिजनों ने हरिद्वार पुलिस प्रशासन और भगवानपुर पुलिस का दिल से आभार जताया।


