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30 Jul 2026, Thu

Haridwar में भव्य कलश यात्रा—श्रीराम मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव की गूंज से गुंजायमान हुई धर्मनगरी!

Haridwar में भव्य कलश यात्रा—श्रीराम मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव की गूंज से गुंजायमान हुई धर्मनगरी!

हरिद्वार, 1 अप्रैल—सूर्य की पहली किरण के साथ ही गंगा तट पर एक अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। श्रद्धालुओं का जनसैलाब, हाथों में कलश, सिर पर धर्म की ज्योति और मन में असीम भक्ति का भाव। श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव एवं श्रीराम जन्म कथा के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य कलश यात्रा ने पूरे हरिद्वार को एक नए आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि महाराज के नेतृत्व में निकली इस दिव्य यात्रा का शुभारंभ पायलट बाबा आश्रम की पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर चेतन माता एवं महामंडलेश्वर श्रद्धा माता ने किया। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु इस कलश यात्रा में उमड़ पड़े, हर कोई एक नए ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने को आतुर था।

 

 

अयोध्या की तर्ज पर भव्य श्रीराम मंदिर

श्रीराम मंदिर के मुख्य यजमान यूसी जैन ने बताया कि यह मंदिर अयोध्या की भव्यता की झलक प्रस्तुत करेगा। छह दिवसीय श्रीराम जन्म कथा के उपरांत, 6 अप्रैल को जब प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन होगा, तब इस पावन धरा पर एक और ऐतिहासिक क्षण अंकित होगा। हजारों श्रद्धालु और कई संत महापुरुष इस शुभ अवसर के साक्षी बनेंगे।

महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि महाराज ने कहा, “यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि हिंदू समाज के गौरव और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक होगा। जब भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा होगी, तब धर्म की यह ज्वाला और भी प्रखर होगी।”

संघर्ष और आस्था का मिलन—धर्म की विजयगाथा

बजरंग दल के प्रांत संयोजक अनुज वालिया ने गर्वपूर्वक कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए संतों और समाज ने सदियों तक संघर्ष किया। वह संघर्ष आज साकार हो रहा है, और अब हरिद्वार की पुण्यभूमि पर भी उसी पवित्रता और भव्यता के साथ श्रीराम मंदिर निर्माण का कार्य जारी है।

जनसैलाब और भक्ति की धारा

इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रमुख श्रद्धालुओं में नीता जैन, यूसी जैन, ऋषभ जैन, राजीव कुमार जैन, अशोक त्यागी, मोहन कुमार श्रीवास्तव, गुलशन भाटिया, अनिल गुप्ता, मनीष चौहान, अमित कुमार चौहान, अजय नैय्यर, कर्नल लोकेश शर्मा, शशांक मित्तल सहित हजारों भक्तगण उपस्थित रहे।

जैसे-जैसे श्रीराम जन्म कथा आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे यह धार्मिक आयोजन अपने चरमोत्कर्ष की ओर अग्रसर होगा। अब सबकी निगाहें 6 अप्रैल पर टिकी हैं, जब श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के साथ हरिद्वार का इतिहास एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखेगा।

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