ग्राम पंचायत गढ़ में सरकारी धन का गबन, जांच रिपोर्ट में आरोप सही लेकिन कार्रवाई शून्य
हरिद्वार,भगवा सनातन टाइम्स
हरिद्वार जिले की ग्राम पंचायत गढ़ (ब्लॉक बहादराबाद) में मनरेगा योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि ग्राम प्रधान जावेद हसन और अन्य पंचायत कर्मियों ने मृतक हुसैना पुत्र मजीद के फर्जी हस्ताक्षर तैयार कर वर्ष 2023-24 में ₹9,660 और उसकी नाबालिग पुत्री के नाम पर 2024-25 में ₹19,671 की मजदूरी निकाल कर सरकारी धन का गबन किया।
शिकायतकर्ता द्वारा सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज़ प्राप्त कर इस घोटाले को उजागर किया गया, जिसके आधार पर जिलाधिकारी हरिद्वार ने 23 जून 2025 को स्पष्ट रूप से कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
लेकिन गंभीर मामला होने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि निचले स्तर के अधिकारी जांच को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
इस मामले पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) आकांक्षा कोंडे ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है:“जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच जल्द पूरी होगी और किसी को नहीं बख्शा जाएगा।”
सूत्र यह भी बताते हैं कि ग्राम पंचायत गढ़ में मनरेगा के अलावा अन्य योजनाओं में भी व्यापक भ्रष्टाचार के मामले दबे हुए हैं, जिन पर प्रशासन अब तक मौन है।
यह प्रकरण अब सिर्फ एक घोटाले तक सीमित नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही, संरक्षण और कानून के खुलेआम उल्लंघन की मिसाल बनता जा रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के आदेशों की अवहेलना पर सवाल खड़े करते हुए दोषियों के निलंबन और गिरफ्तारी की मांग की है।

