ग्रामीणों की आस्था और अंतिम विदाई की सुविधा पर सवाल, कब जागेगा प्रशासन?
हरिद्वार ,भगवा सनातन टाइम्स
30 जून — ग्राम पंचायत अजीतपुर में नमामि गंगे योजना के अंतर्गत शमशान घाट का निर्माण कार्य लंबे समय से रुका हुआ है। यह कार्य विद्युत शवदाह गृह के रूप में प्रस्तावित था, लेकिन ग्रामवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए परंपरागत लकड़ी से शवदाह की मांग की गई। इसी कारण से निर्माण कार्य बीच में ही रोक दिया गया है।

प्रखर कश्यप ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजे हैं, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में ग्रामीणों को शवदाह की प्रक्रिया में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है।बरसात के मौसम में शवदाह में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कीचड़ भरे रास्तों, स्थान की अनुपलब्धता और अधूरी व्यवस्था के चलते अंतिम संस्कार में असहनीय परेशानी हो रही है।
उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि जनभावनाओं और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द शमशान घाट का निर्माण कार्य फिर से शुरू कराया जाए, ताकि गांववासियों को अंतिम संस्कार की गरिमापूर्ण सुविधा मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि जब पंचायत में BJP का प्रधान और प्रदेश में BJP की सरकार है, तो फिर बुनियादी सुविधाओं को लेकर यह उपेक्षा क्यों?
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक अजीतपुर को उसका श्मशान घाट मिल पाता है।

