हरिद्वार:(जीशान मलिक) रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर देवभूमि स्कूल की नन्हीं छात्राएं अपनी शिक्षिकाओं के साथ एसएसपी कैंप ऑफिस पहुंचीं। छात्राओं ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान एसएसपी ने भी बच्चियों को मिठाई खिलाकर उनकी खुशियां साझा कीं और हर परिस्थिति में बेटियों की सुरक्षा के लिए पुलिस की प्रतिबद्धता दोहराई।रक्षासूत्र बंधवाने के बाद एसएसपी नवनीत सिंह ने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में बातचीत की। उन्होंने बच्चियों से पूछा कि वे आगे चलकर क्या बनना चाहती हैं और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए किस तरह तैयारी कर रही हैं। एसएसपी ने छात्राओं को कैरियर सेटलमेंट को लेकर महत्वपूर्ण टिप्स देते हुए मेहनत, अनुशासन और सही दिशा में निरंतर प्रयास करने की सीख दी।
एसएसपी नवनीत सिंह ने कहा कि बच्चियों को अपने भविष्य का लक्ष्य अभी से तय कर उस दिशा में मेहनत करनी चाहिए। पढ़ाई के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और अनुशासन भी बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सीमित और सकारात्मक तरीके से किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा समय बिताने के बजाय परिवार, शिक्षकों और समाज के अच्छे लोगों के साथ करीबी संपर्क बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने छात्राओं को साइबर अपराधों और सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत के प्रति भी सतर्क रहने की सलाह दी। एसएसपी ने कहा कि किसी भी तरह की परेशानी, छेड़छाड़, साइबर फ्रॉड अथवा अन्य समस्या होने पर बच्चियां बिना डर के अपने अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस से संपर्क करें। पुलिस उनकी सहायता और सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है।इस दौरान ब्रह्मकुमारी बहनों ने भी एसएसपी नवनीत सिंह की कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। एसएसपी ने सभी बहनों और छात्राओं का आभार जताते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा, विश्वास और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश भी देता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के चेहरे पर उत्साह और खुशी नजर आई। एसएसपी के साथ हुई बातचीत ने छात्राओं को पढ़ाई और भविष्य को लेकर नई प्रेरणा दी। छात्राओं ने भी पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा और मार्गदर्शन का भरोसा मिलने पर खुशी जताई।

